4 Line Shayari

Chaar lines mein thoda aur kahane ka mauka — detail ke liye.

चार पंक्तियों वाली शायरी, जहाँ विचार को थोड़ा और जगह मिलती है। संदर्भ और मोड़ दोनों स्पष्ट रहते हैं।

23 entries in this collection

वो शीशा जिसमें तेरी शक्ल है

आईने के सामने कभी मैं ख़ुद नहीं देखता,
तुम्हारी शक्ल देखता हूँ, गिनता हूँ।
जो तुम्हें देखकर सुधरा, वो आईना भी,
मेरी तरफ़ देखकर आज भी सिकुड़ जाता है।
Love 4 Line

पहली मुलाक़ात का वक़्त अकेला

कॉफ़ी की दुकान भर गई, मैं कोने में बैठा,
तुम सामने आईं, और मेरी नींद उड़ गई।
उस दिन से हर पल मेरा गिना गया,
तुम गईं, और वो गिनती बाक़ी रही।
Alone 4 Line

तुझसे बात करता तो हँसता हूँ

तुझसे बात करता हूँ तो हँसता हूँ,
फिर अकेले आते तो सोचता हूँ।
तू नहीं जानती, सालों बाद भी तेरी मुस्कान
मेरे लिए कितना काम करती है।
Dard 4 Line

कि कुछ कहना बचा नहीं

जो दिल में है, वो मैं कहता हूँ क्या,
जो कहता हूँ, वो दिल में रहता नहीं।
और जो रहता है, उसे कोई सुनता नहीं,
और जो सुनता है, वो मुस्कुरा देता है।
Bewafa 4 Line

तूने नंबर सेव किया ही नहीं

तूने मेरा नंबर सेव किया ही नहीं,
और मैंने तेरा हर हफ़्ते देखा।
तूफ़ानों की ख़बरें तक मिल जाती हैं,
तू उस ख़ामोशी में कैसे हो जाती है।
Attitude 4 Line

मुँह बुरा सुना तो बुरा नहीं

मुँह बुरा सुना तो बुरा नहीं होता,
कान बुरा सुनते हैं, काम बुरा नहीं करते।
और जो काम बुरा करते हैं, उनकी
अपनी ज़रूरत है, उनकी मत पूछिए।
Attitude 4 Line

हिम्मत मेरी अपनी है

हिम्मत मेरी अपनी है, उधार की नहीं,
और इरादा भी मेरा, किसी और का नहीं।
लोग बोलते हैं, रास्ता मुश्किल से मिलता है,
मैं कहता हूँ, मुश्किल रास्ता बदल देती है।
Attitude 4 Line

जिस दिन आवाज़ मिलेगी, उस दिन

जिस दिन आवाज़ मिलेगी, उस दिन मैं सुनूँगा,
आज तक सिर्फ़ ख़ामोशी मिली है।
लोग कहते हैं, समय आने पर सब होता है,
मैं कहता हूँ, समय नहीं, इरादा चाहिए।
Emotional 4 Line

हाथ में तेरी चाप दोनों हैं

हाथ में तेरी चाप दोनों हैं,
और सीने में तेरी आवाज़ के सिवा कुछ नहीं।
तूने पूछा, सोचा क्या करूँगा,
मैंने कहा, जो मिला उसे कभी छोड़ूँगा नहीं।
Attitude 4 Line

दोस्ती में मेरी जगह अलग है

दोस्ती में मेरी जगह अलग है,
मैं नौकरीपेशा दोस्त नहीं हूँ।
मैं तो वो दोस्त हूँ जो मुसीबत में
सबके बीच खड़ा हो जाता है।
Barish 4 Line

भीगी पत्तियाँ भी तुझे ढूँढ़ती हैं

भीगी पत्तियाँ भी तुझे ढूँढ़ती हैं,
रास्ते भर की ठंडी हवाएँ भी।
बारिश सिर्फ़ पानी नहीं लाती,
उसके साथ तेरा नाम भी धो देती है।
Barish 4 Line

बारिश की तरह बहता ये दर्द

यह दर्द बारिश की तरह बहता है,
जहाँ भी ज़मीन मिले, रुक जाता है।
फिर ज़ोर से आता है, मगर धीमे,
जैसे कोई जाने कि कब रुक जाएगा।