साथ चलते थे, आज अलग राहें हैं
एक साथ चली राहों के बाद खड़े होने और बीच के फ़ासले को रास्ता कहने की कोशिश।
Wada poora na hua — toot-ti hui dastak ke baare mein shayari.
बेवफ़ा की शायरी — जब वादा पूरे न हुए और भरोसा टूटा हो।
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एक साथ चली राहों के बाद खड़े होने और बीच के फ़ासले को रास्ता कहने की कोशिश।