Emotional Shayari

Bhavna se bhari lines — jo dil ko chhoo jayein.

भावनात्मक शायरी — जब एहसास शब्दों से ज़्यादा गहरा हो।

16 entries in this collection

Emotional Long

मैगी देर से बनाना आदत बन गया

मैगी देर से बनती है, तू देर से आती है,
मैं रोज़ बर्तन जोड़ता हूँ, ख़ुद को समझाता हूँ।
तूने कहा था, ख़ुदा देखेगा इंतज़ार का,
मैंने गिने साल, हर साल वही सी चौहान्दी।

आज भी मेज़ पर दो कटोरी हैं, एक ही रस्सी से बंधी,
एक कटोरी सूखी रहती है, फिर भी मैं धोता हूँ।
लोग कहते हैं, ज़िंदगी में हर चीज़ मिलती है,
मैं कहता हूँ, कुछ चीज़ें बस टाइम पर नहीं मिलतीं।
Emotional Short

तुझे देखकर कि सब भूले

तुझे देखकर कि सब भूल गया,
मेरा अक्सर, मेरी जगह, मेरा कल।

और जब तू चली गई, फिर याद आया,
कि दुनिया में सब कुछ है, बस मैं नहीं।
Emotional Long

बारिश में भीगी हुई यादें

बारिश में यादें भीग जाती हैं,
और फिर भी कहीं गिरती नहीं।
मैं भीगता हूँ, मेरा छाता ख़त्म हो चुका है,
और तू कहीं बहुत दूर किसी और छाँटी में है।

आज बारिश ने फिर वो दिन दोहराया,
जिस दिन मैंने तुझे रोकने की हिम्मत नहीं की थी।
आज भीगता हूँ, पर तारीख़ उसमें खोई हुई है।
Emotional Short

घर में कोई ख़ुद को हल्ला नहीं करता

घर में कोई ख़ुद को हल्ला नहीं करता,
सब चुप रहते हैं, सब ठीक रहते हैं।

मैं अंदर से टूटकर बैठा रहता हूँ,
और मुस्कुराकर कहता हूँ, कुछ नहीं।
Emotional 4 Line

हाथ में तेरी चाप दोनों हैं

हाथ में तेरी चाप दोनों हैं,
और सीने में तेरी आवाज़ के सिवा कुछ नहीं।
तूने पूछा, सोचा क्या करूँगा,
मैंने कहा, जो मिला उसे कभी छोड़ूँगा नहीं।
Emotional Short

तेरा सवाल और मेरा जवाब

तेरा सवाल और मेरा जवाब,
दोनों कभी मेरे हित में नहीं थे।

पर तूने पूछा तो मैंने कहा, हाँ,
और उस हाँ ने मुझे बहुत बदल दिया।
Dard Long

चुप्पी रहने में ही टूट जाता हूँ

चुप रहने में ही टूट जाता हूँ,
यह बात मैंने किसी को नहीं कही।
लोग कहते हैं, बोलो, आज़ाद रहोगे,
मैं बोलता हूँ और फिर चुप हो जाता हूँ।

कभी सोचता हूँ, यह कमज़ोरी है,
और कभी सोचता हूँ, यही इंसानियत है।
बीच में मैं हूँ, और कोई फ़ैसला नहीं।
Emotional Short

खिड़की बंद करके आज भी

खिड़की बंद करके आज भी
उसी दिशा में देखता रहता हूँ।

और जो नज़र नहीं आता, उसे
कहते हैं याद, और मैं कहता हूँ, कमी।
Emotional Status

इस गली में कोई अपना नहीं

इस गली में अब कोई अपना दरवाज़ा नहीं,
फिर भी यहाँ तेरी गली सबसे अच्छी लगती है।