Alone Shayari

Akele baithne par likhi shayari — jab koi paas na ho aur shaam ka ehsaas ho.

अकेलेपन, ख़ामोशी और खुद के साथ रहने की शायरी।

25 entries in this collection

Alone 4 Line

तुझसे बात करता तो हँसता हूँ

तुझसे बात करता हूँ तो हँसता हूँ,
फिर अकेले आते तो सोचता हूँ।
तू नहीं जानती, सालों बाद भी तेरी मुस्कान
मेरे लिए कितना काम करती है।
Alone Short

आज रात में तुझे मिस करता हूँ

आज रात में तुझे मिस करता हूँ,
जबकि तू कहीं जाने का कोई इरादा नहीं करती।

यही शर्म है, मेरी कमी नहीं तेरी है,
इसलिए मैं लेटा हूँ, बस जागना नहीं है।
Alone 2 Line

तुझे देखना है रात भर

तुझे देखना है रात भर,
और नींद आती है तो भी देखा करूँगा।
Alone Short

तीर चटक ने दिल में लिखा

तीर चटक ने दिल में लिख दिया,
कि कुछ बातें कही ही नहीं जातीं।

और मैं चलता रहा उसी शाम,
जैसे कोई बुझा हुआ दीपक।
Alone 4 Line

अकेले चाय पीता हूँ

अकेले चाय पीता हूँ, कप गर्म रहता है,
मगर हाथ नहीं गर्म होता।
बराबरी में दो कप हों तो ज़िंदगी चलती है,
और अकेले कप हो तो सिर्फ़ याद रहती है।
Alone 2 Line

जिस दिन तुझसे मिला कोई

जिस दिन तुझसे मिला कोई, ठहर गया,
और जिस दिन तू नहीं था, बस रुक गया।
Alone 4 Line

सब जगह फिरते हैं कुछ लोग

सब जगह फिरते हैं कुछ लोग,
और हर जगह रहते हैं कम लोग।
सुबह की भीड़ में भी खड़ा है कुछ ऐसा,
जो जाते-जाते ख़ुद को भी खो देता है।
Alone 2 Line

बिस्तर पर लेटा ख़याल

बिस्तर पर लेटा हूँ, ख़याल बहुत हैं,
और नींद सिर्फ़ एक मेहमान है।
Alone 2 Line

अकेले में देश का घोड़ा

अकेले में देश का घोड़ा भी अकेला चलता है,
पर उसकी हवा में लोगों की आवाज़ें रहती हैं।