Dard Shayari
Andar tak chubti baaton par likhi shayari — dil ka dard.
दर्द, तड़प और अंदर तक चुभती बातों की शायरी।
17 entries in this collection
चुप रहना भी एक हथियार
जब कोई न पूछे तो दर्द बोलता नहीं,
चुप रहना भी एक किस्मत का हथियार है।
चुप रहना भी एक किस्मत का हथियार है।
रात में आँसू तेज़ हो गए हैं
रात में आँसू तेज़ हो गए हैं,
कम्बल गले से लगाकर सोता हूँ।
कभी सोचता हूँ, बताऊँ किसे,
पर बात दर्द की है, शिकायत किसे।
कम्बल गले से लगाकर सोता हूँ।
कभी सोचता हूँ, बताऊँ किसे,
पर बात दर्द की है, शिकायत किसे।
ज़िंदगी ने सब दिया, दर्द एक्स्ट्रा
ज़िंदगी ने सब कुछ दिया मुझे,
और दर्द अलग से भेज दिया।
ख़ुशियाँ चुनी ही नहीं मुझे, दर्द ने
स्वयं चुन लिया, और साथ में ले आया।
और दर्द अलग से भेज दिया।
ख़ुशियाँ चुनी ही नहीं मुझे, दर्द ने
स्वयं चुन लिया, और साथ में ले आया।
बारिश की तरह बहता ये दर्द
यह दर्द बारिश की तरह बहता है,
जहाँ भी ज़मीन मिले, रुक जाता है।
फिर ज़ोर से आता है, मगर धीमे,
जैसे कोई जाने कि कब रुक जाएगा।
जहाँ भी ज़मीन मिले, रुक जाता है।
फिर ज़ोर से आता है, मगर धीमे,
जैसे कोई जाने कि कब रुक जाएगा।
तीर चटक ने दिल में लिखा
तीर चटक ने दिल में लिख दिया,
कि कुछ बातें कही ही नहीं जातीं।
और मैं चलता रहा उसी शाम,
जैसे कोई बुझा हुआ दीपक।
कि कुछ बातें कही ही नहीं जातीं।
और मैं चलता रहा उसी शाम,
जैसे कोई बुझा हुआ दीपक।
चुप्पी रहने में ही टूट जाता हूँ
चुप रहने में ही टूट जाता हूँ,
यह बात मैंने किसी को नहीं कही।
लोग कहते हैं, बोलो, आज़ाद रहोगे,
मैं बोलता हूँ और फिर चुप हो जाता हूँ।
कभी सोचता हूँ, यह कमज़ोरी है,
और कभी सोचता हूँ, यही इंसानियत है।
बीच में मैं हूँ, और कोई फ़ैसला नहीं।
यह बात मैंने किसी को नहीं कही।
लोग कहते हैं, बोलो, आज़ाद रहोगे,
मैं बोलता हूँ और फिर चुप हो जाता हूँ।
कभी सोचता हूँ, यह कमज़ोरी है,
और कभी सोचता हूँ, यही इंसानियत है।
बीच में मैं हूँ, और कोई फ़ैसला नहीं।
भीड़ में तेरी आवाज़
भीड़ में भी मुझे तेरी आवाज़ सुनाई देती है,
और बाक़ी सब शोर कान से उतर जाता है।
और बाक़ी सब शोर कान से उतर जाता है।