सिर्फ़ ताने हैं तुम्हारे लिए
सिर्फ़ ताने हैं तुम्हारे लिए,
और इतना बड़ा ज़ख़्म कहाँ तक सँभालूँ।
ताने और ज़ख़्म के बीच की बेसहारा लड़ाई, दो पंक्तियों में।
सिर्फ़ ताने हैं तुम्हारे लिए,
और इतना बड़ा ज़ख़्म कहाँ तक सँभालूँ।
ताने और ज़ख़्म के बीच की बेसहारा लड़ाई, दो पंक्तियों में।