Emotional Shayari
Bhavnata aur ehsaas se bhara mood — jab dil bhar na aaye.
भावना से भरी शायरी जहाँ एहसास गहरा हो।
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वो शीशा जिसमें तेरी शक्ल है
आईने के सामने कभी मैं ख़ुद नहीं देखता,
तुम्हारी शक्ल देखता हूँ, गिनता हूँ।
जो तुम्हें देखकर सुधरा, वो आईना भी,
मेरी तरफ़ देखकर आज भी सिकुड़ जाता है।
तुम्हारी शक्ल देखता हूँ, गिनता हूँ।
जो तुम्हें देखकर सुधरा, वो आईना भी,
मेरी तरफ़ देखकर आज भी सिकुड़ जाता है।
मैगी देर से बनाना आदत बन गया
मैगी देर से बनती है, तू देर से आती है,
मैं रोज़ बर्तन जोड़ता हूँ, ख़ुद को समझाता हूँ।
तूने कहा था, ख़ुदा देखेगा इंतज़ार का,
मैंने गिने साल, हर साल वही सी चौहान्दी।
आज भी मेज़ पर दो कटोरी हैं, एक ही रस्सी से बंधी,
एक कटोरी सूखी रहती है, फिर भी मैं धोता हूँ।
लोग कहते हैं, ज़िंदगी में हर चीज़ मिलती है,
मैं कहता हूँ, कुछ चीज़ें बस टाइम पर नहीं मिलतीं।
मैं रोज़ बर्तन जोड़ता हूँ, ख़ुद को समझाता हूँ।
तूने कहा था, ख़ुदा देखेगा इंतज़ार का,
मैंने गिने साल, हर साल वही सी चौहान्दी।
आज भी मेज़ पर दो कटोरी हैं, एक ही रस्सी से बंधी,
एक कटोरी सूखी रहती है, फिर भी मैं धोता हूँ।
लोग कहते हैं, ज़िंदगी में हर चीज़ मिलती है,
मैं कहता हूँ, कुछ चीज़ें बस टाइम पर नहीं मिलतीं।
तुझसे बात करता तो हँसता हूँ
तुझसे बात करता हूँ तो हँसता हूँ,
फिर अकेले आते तो सोचता हूँ।
तू नहीं जानती, सालों बाद भी तेरी मुस्कान
मेरे लिए कितना काम करती है।
फिर अकेले आते तो सोचता हूँ।
तू नहीं जानती, सालों बाद भी तेरी मुस्कान
मेरे लिए कितना काम करती है।
तुझे देखकर कि सब भूले
तुझे देखकर कि सब भूल गया,
मेरा अक्सर, मेरी जगह, मेरा कल।
और जब तू चली गई, फिर याद आया,
कि दुनिया में सब कुछ है, बस मैं नहीं।
मेरा अक्सर, मेरी जगह, मेरा कल।
और जब तू चली गई, फिर याद आया,
कि दुनिया में सब कुछ है, बस मैं नहीं।