Reflective Shayari
Sochne aur samajhne wala mood — dheere aur gehri lines.
विचार करने वाला, शांत और गहरा मूड।
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मैगी देर से बनाना आदत बन गया
मैगी देर से बनती है, तू देर से आती है,
मैं रोज़ बर्तन जोड़ता हूँ, ख़ुद को समझाता हूँ।
तूने कहा था, ख़ुदा देखेगा इंतज़ार का,
मैंने गिने साल, हर साल वही सी चौहान्दी।
आज भी मेज़ पर दो कटोरी हैं, एक ही रस्सी से बंधी,
एक कटोरी सूखी रहती है, फिर भी मैं धोता हूँ।
लोग कहते हैं, ज़िंदगी में हर चीज़ मिलती है,
मैं कहता हूँ, कुछ चीज़ें बस टाइम पर नहीं मिलतीं।
मैं रोज़ बर्तन जोड़ता हूँ, ख़ुद को समझाता हूँ।
तूने कहा था, ख़ुदा देखेगा इंतज़ार का,
मैंने गिने साल, हर साल वही सी चौहान्दी।
आज भी मेज़ पर दो कटोरी हैं, एक ही रस्सी से बंधी,
एक कटोरी सूखी रहती है, फिर भी मैं धोता हूँ।
लोग कहते हैं, ज़िंदगी में हर चीज़ मिलती है,
मैं कहता हूँ, कुछ चीज़ें बस टाइम पर नहीं मिलतीं।
चाँद को देखकर तेरा चेहरा
चाँद को देखकर मुझे तेरा चेहरा याद आता है,
यह बात सुनकर चाँद शायद शरमा जाएगा।
उसने पूरी रात जागकर हमें देखा,
और मैं रोज़ सोचता हूँ, तेरे चेहरे पर भी ऐतसान है।
अब मैं अमावस्या को नहीं देखता,
मैं तो सिर्फ़ तेरी रोशनी के साथ चलता हूँ।
यह बात सुनकर चाँद शायद शरमा जाएगा।
उसने पूरी रात जागकर हमें देखा,
और मैं रोज़ सोचता हूँ, तेरे चेहरे पर भी ऐतसान है।
अब मैं अमावस्या को नहीं देखता,
मैं तो सिर्फ़ तेरी रोशनी के साथ चलता हूँ।
तुझे देखकर कि सब भूले
तुझे देखकर कि सब भूल गया,
मेरा अक्सर, मेरी जगह, मेरा कल।
और जब तू चली गई, फिर याद आया,
कि दुनिया में सब कुछ है, बस मैं नहीं।
मेरा अक्सर, मेरी जगह, मेरा कल।
और जब तू चली गई, फिर याद आया,
कि दुनिया में सब कुछ है, बस मैं नहीं।