जब तेरे लिए चाय ढूँढ़ूँ
जब तेरे लिए चाय ढूँढ़ूँ, वही दकान फिर से,
वही चेहरा मुस्कुरा देता है।
एक पुराने ठेले पर लौटने की बात, और वहाँ मिलने वाली अनजानी मुस्कान।
जब तेरे लिए चाय ढूँढ़ूँ, वही दकान फिर से,
वही चेहरा मुस्कुरा देता है।
एक पुराने ठेले पर लौटने की बात, और वहाँ मिलने वाली अनजानी मुस्कान।