Reflective Shayari

Sochne aur samajhne wala mood — dheere aur gehri lines.

विचार करने वाला, शांत और गहरा मूड।

99 entries in this collection

Emotional Short

तुझे देखकर कि सब भूले

तुझे देखकर कि सब भूल गया,
मेरा अक्सर, मेरी जगह, मेरा कल।

और जब तू चली गई, फिर याद आया,
कि दुनिया में सब कुछ है, बस मैं नहीं।
Emotional Short

घर में कोई ख़ुद को हल्ला नहीं करता

घर में कोई ख़ुद को हल्ला नहीं करता,
सब चुप रहते हैं, सब ठीक रहते हैं।

मैं अंदर से टूटकर बैठा रहता हूँ,
और मुस्कुराकर कहता हूँ, कुछ नहीं।
Attitude Short

मुझे उपास नहीं, अपनाना है

मुझे उपास नहीं, अपनाना है,
और साथ नहीं, सफ़री करनी है।

जो गिरे तो मिला कर उठाना है,
जो चले तो साथ चलने की हिम्मत चाहिए।
Attitude Short

अपनी जगह का रक़म

अपनी जगह का रक़म लेकर जाता हूँ,
किसी की ज़मीन पर बैठकर नहीं रहता।
जो लोग मेरी जगह ले लेते हैं,
उन्हें दर्द तो होता है, पर सोचते ग़लत हैं।
Attitude Short

मेरे लिए तेरी वैल्यू ज़ीरो

मेरे लिए तेरी वैल्यू ज़ीरो है,
ज़ीरो की नीलामी भी नहीं होती।

तू जो दावा लगाता है अपना,
वो सिर्फ़ शोर है, इतना भी नहीं।
Dosti Short

चुप्पी रहते हैं यार, पसंद है मुझे

चुप्पी रहते हैं यार, पसंद है मुझे,
बातें कम, हमदद बढ़ती है।

शाम को छत पर बैठना, चाय का कप,
और बीच में बस चुप्पी, यही अपनापन है।
Dosti Short

रात को तेरी याद सबको बताऊँगा

रात को तेरी याद सबको बताऊँगा,
और वो लोग कहेंगे, सपना था।

मैं कहूँगा, सपना नहीं, अब ये सच में हो गया,
और सच में होने में वक़्त लगता है यार।
Barish Short

बारिश का दिन है आज भी

बारिश का दिन है आज भी, छाता उठा ले,
गीले रास्ते कभी अजनबी से जान पहचान बन जाते हैं।

चाय की भाप कोने में चढ़ रही है,
और भीगी सड़क पर नए क़दम गिने जा रहे हैं।
Good Morning Short

नई सुबह का पहला क़दम

नई सुबह का पहला क़दम अजीब होता है,
एक गहरी साँस, फिर एक लंबी सोच।

रात भर जो सोचा था, सुबह सब छोटा हो जाता है,
और छोटा सा काम शुरू कर देना सबसे अच्छा इलाज़ है।
Desh Bhakti Short

माँ का पालना और देश का पालना

माँ का पालना और देश का पालना एक जैसा है,
दोनों में कभी कोई नहीं पूछता।

जो माँ जिस दिन हाथ छोड़ती है,
उस दिन देश भी साथ में खड़ा रहता है।
Funny Short

ज़िंदगी का रास्ता बनाओ

ज़िंदगी का रास्ता बनाने का नाम भी सुन लिया करो,
हाँ, हाथ से मिट्टी मिट्टी करते हुए।

ज़िंदगी टेढ़ी है, कोई मोड़ नहीं होता,
तो तय कर ले, फिर वहाँ से कहाँ निकलना है।