Good Morning Shayari
Din ki shuruaat ke liye subah ka message — chhota aur saaf.
सुबह की शायरी — दिन की शुरुआत को एक पंक्ति के साथ।
8 entries in this collection
बारिश का दिन है आज भी
बारिश का दिन है आज भी, छाता उठा ले,
गीले रास्ते कभी अजनबी से जान पहचान बन जाते हैं।
चाय की भाप कोने में चढ़ रही है,
और भीगी सड़क पर नए क़दम गिने जा रहे हैं।
गीले रास्ते कभी अजनबी से जान पहचान बन जाते हैं।
चाय की भाप कोने में चढ़ रही है,
और भीगी सड़क पर नए क़दम गिने जा रहे हैं।
सब जगह फिरते हैं कुछ लोग
सब जगह फिरते हैं कुछ लोग,
और हर जगह रहते हैं कम लोग।
सुबह की भीड़ में भी खड़ा है कुछ ऐसा,
जो जाते-जाते ख़ुद को भी खो देता है।
और हर जगह रहते हैं कम लोग।
सुबह की भीड़ में भी खड़ा है कुछ ऐसा,
जो जाते-जाते ख़ुद को भी खो देता है।
उठने में वक़्त लगता है
उठने में वक़्त लगता है, मगर उठना ज़रूरी है,
वरना कल का काम आज ही कर लो।
आज ख़ुद को एक घड़ी देता हूँ,
मगर सोचता हूँ कि वक़्त भी न मिलेगा।
वरना कल का काम आज ही कर लो।
आज ख़ुद को एक घड़ी देता हूँ,
मगर सोचता हूँ कि वक़्त भी न मिलेगा।
नई सुबह का पहला क़दम
नई सुबह का पहला क़दम अजीब होता है,
एक गहरी साँस, फिर एक लंबी सोच।
रात भर जो सोचा था, सुबह सब छोटा हो जाता है,
और छोटा सा काम शुरू कर देना सबसे अच्छा इलाज़ है।
एक गहरी साँस, फिर एक लंबी सोच।
रात भर जो सोचा था, सुबह सब छोटा हो जाता है,
और छोटा सा काम शुरू कर देना सबसे अच्छा इलाज़ है।