Attitude Shayari
Apni pehchan aur confidence ke saath likhi lines — bina kisi ko chhedde.
आत्मविश्वास, मर्ज़ा और अपनी पहचान वाली शायरी — बिना किसी को चिढ़ाए।
34 entries in this collection
मुझे उपास नहीं, अपनाना है
मुझे उपास नहीं, अपनाना है,
और साथ नहीं, सफ़री करनी है।
जो गिरे तो मिला कर उठाना है,
जो चले तो साथ चलने की हिम्मत चाहिए।
और साथ नहीं, सफ़री करनी है।
जो गिरे तो मिला कर उठाना है,
जो चले तो साथ चलने की हिम्मत चाहिए।
मुँह बुरा सुना तो बुरा नहीं
मुँह बुरा सुना तो बुरा नहीं होता,
कान बुरा सुनते हैं, काम बुरा नहीं करते।
और जो काम बुरा करते हैं, उनकी
अपनी ज़रूरत है, उनकी मत पूछिए।
कान बुरा सुनते हैं, काम बुरा नहीं करते।
और जो काम बुरा करते हैं, उनकी
अपनी ज़रूरत है, उनकी मत पूछिए।
अपनी जगह का रक़म
अपनी जगह का रक़म लेकर जाता हूँ,
किसी की ज़मीन पर बैठकर नहीं रहता।
जो लोग मेरी जगह ले लेते हैं,
उन्हें दर्द तो होता है, पर सोचते ग़लत हैं।
किसी की ज़मीन पर बैठकर नहीं रहता।
जो लोग मेरी जगह ले लेते हैं,
उन्हें दर्द तो होता है, पर सोचते ग़लत हैं।
हिम्मत मेरी अपनी है
हिम्मत मेरी अपनी है, उधार की नहीं,
और इरादा भी मेरा, किसी और का नहीं।
लोग बोलते हैं, रास्ता मुश्किल से मिलता है,
मैं कहता हूँ, मुश्किल रास्ता बदल देती है।
और इरादा भी मेरा, किसी और का नहीं।
लोग बोलते हैं, रास्ता मुश्किल से मिलता है,
मैं कहता हूँ, मुश्किल रास्ता बदल देती है।
मैं अकेला रहता हूँ कि नहीं
सवाल यह नहीं कि मैं अकेला हूँ या नहीं,
सवाल यह है कि अकेले में मैं क्या बनता हूँ।
जो लोग मुझे कमज़ोर कहते हैं, उन्हें क्या पता,
मैं अकेले में वो सब बनता हूँ जो भी मिल जाए।
रात को जब पुरानी यादें आती हैं,
मैं उन्हें बोलता हूँ, रहने दो, मैं ठीक हूँ।
सवाल यह है कि अकेले में मैं क्या बनता हूँ।
जो लोग मुझे कमज़ोर कहते हैं, उन्हें क्या पता,
मैं अकेले में वो सब बनता हूँ जो भी मिल जाए।
रात को जब पुरानी यादें आती हैं,
मैं उन्हें बोलता हूँ, रहने दो, मैं ठीक हूँ।
मेरे लिए तेरी वैल्यू ज़ीरो
मेरे लिए तेरी वैल्यू ज़ीरो है,
ज़ीरो की नीलामी भी नहीं होती।
तू जो दावा लगाता है अपना,
वो सिर्फ़ शोर है, इतना भी नहीं।
ज़ीरो की नीलामी भी नहीं होती।
तू जो दावा लगाता है अपना,
वो सिर्फ़ शोर है, इतना भी नहीं।