सब जगह फिरते हैं कुछ लोग
सब जगह फिरते हैं कुछ लोग,
और हर जगह रहते हैं कम लोग।
सुबह की भीड़ में भी खड़ा है कुछ ऐसा,
जो जाते-जाते ख़ुद को भी खो देता है।
सुबह की भीड़ में खड़े होकर अपने आप को खोजने लगने की बात।
सब जगह फिरते हैं कुछ लोग,
और हर जगह रहते हैं कम लोग।
सुबह की भीड़ में भी खड़ा है कुछ ऐसा,
जो जाते-जाते ख़ुद को भी खो देता है।
सुबह की भीड़ में खड़े होकर अपने आप को खोजने लगने की बात।