Dosti

चुप्पी रहते हैं यार, पसंद है मुझे

लेखक: Shayari Mirchi Editorial 👁 29

चुप्पी रहते हैं यार, पसंद है मुझे,
बातें कम, हमदद बढ़ती है।

शाम को छत पर बैठना, चाय का कप,
और बीच में बस चुप्पी, यही अपनापन है।

कम बातों और ज़्यादा समझ वाली दोस्ती, जिसमें छत पर बैठना ही रीत बन गया है।

Shayari Mirchi Editorial

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Shayari Mirchi की एडिटोरियल टीम। यहाँ लिखी गई शायरी, क्वोट और कैप्शन इसी साइट के लिए लिखे गए हैं।

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