रात में आँसू तेज़ हो गए हैं
रात में आँसू तेज़ हो गए हैं,
कम्बल गले से लगाकर सोता हूँ।
कभी सोचता हूँ, बताऊँ किसे,
पर बात दर्द की है, शिकायत किसे।
कम्बल गले से लगाकर सोता हूँ।
कभी सोचता हूँ, बताऊँ किसे,
पर बात दर्द की है, शिकायत किसे।
Andar tak chubti baaton par likhi shayari — dil ka dard.
दर्द, तड़प और अंदर तक चुभती बातों की शायरी।
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