रात में आँसू तेज़ हो गए हैं
रात में आँसू तेज़ हो गए हैं,
कम्बल गले से लगाकर सोता हूँ।
कभी सोचता हूँ, बताऊँ किसे,
पर बात दर्द की है, शिकायत किसे।
कम्बल गले से लगाकर सोता हूँ।
कभी सोचता हूँ, बताऊँ किसे,
पर बात दर्द की है, शिकायत किसे।
रात में बढ़ता दर्द और उसे किसी तक ले जाने की नाकाम कोशिश।