हाथ में तेरी चाप दोनों हैं
हाथ में तेरी चाप दोनों हैं,
और सीने में तेरी आवाज़ के सिवा कुछ नहीं।
तूने पूछा, सोचा क्या करूँगा,
मैंने कहा, जो मिला उसे कभी छोड़ूँगा नहीं।
और सीने में तेरी आवाज़ के सिवा कुछ नहीं।
तूने पूछा, सोचा क्या करूँगा,
मैंने कहा, जो मिला उसे कभी छोड़ूँगा नहीं।
हाथ और सीने में जगह बनाने वाली बात, और एक ऐसा जवाब जो सवाल से बड़ा है।