4 Line Shayari

Chaar lines mein thoda aur kahane ka mauka — detail ke liye.

चार पंक्तियों वाली शायरी, जहाँ विचार को थोड़ा और जगह मिलती है। संदर्भ और मोड़ दोनों स्पष्ट रहते हैं।

23 entries in this collection

Dard 4 Line

ज़िंदगी ने सब दिया, दर्द एक्स्ट्रा

ज़िंदगी ने सब कुछ दिया मुझे,
और दर्द अलग से भेज दिया।
ख़ुशियाँ चुनी ही नहीं मुझे, दर्द ने
स्वयं चुन लिया, और साथ में ले आया।
Alone 4 Line

अकेले चाय पीता हूँ

अकेले चाय पीता हूँ, कप गर्म रहता है,
मगर हाथ नहीं गर्म होता।
बराबरी में दो कप हों तो ज़िंदगी चलती है,
और अकेले कप हो तो सिर्फ़ याद रहती है।
Bewafa 4 Line

मैंने तीन बार इशारा किया

मैंने तीन बार इशारा किया,
तीनों बार तूने कहा, मुझे रास्ता मालूम है।
चौथी बार मैंने चुप रहने की ठानी,
तभी समझ आया, इशारे मेरे सिर्फ़ मुझे सुनाई देते थे।
Dosti 4 Line

दोस्त बुरा होता तो तीर मारता

दोस्त बुरा होता तो तीर मारता,
सीधा सीने में, वरना क्या दोस्ती है।
मैंने ज़िंदगी भर पीठ पे वार सहने,
तू भी सीधा सीना मत कर, काम का है।
Birthday 4 Line

तेरे जन्मदिन पर अमित

तेरे जन्मदिन पर अमित, ये सुनकर
लोग मुस्कुराते हैं और मैं चुप रहता हूँ।
मैं ये सीख चुका हूँ कि कुछ दिन
किसी की याद में दूसरों के लिए मिट जाते हैं।
Birthday 4 Line

तीसरी उम्र का सब्द

तीसरी उम्र का सब्द है, अब तय कर ले,
या तो मुस्कुराना है, या भाग जाना।
जो लोग कहते हैं, उम्र बढ़ी तो ख़त्म हुए,
उनकी गिनती मेरे दिन गिनने से पहले है।
Alone 4 Line

सब जगह फिरते हैं कुछ लोग

सब जगह फिरते हैं कुछ लोग,
और हर जगह रहते हैं कम लोग।
सुबह की भीड़ में भी खड़ा है कुछ ऐसा,
जो जाते-जाते ख़ुद को भी खो देता है।
Good Morning 4 Line

उठने में वक़्त लगता है

उठने में वक़्त लगता है, मगर उठना ज़रूरी है,
वरना कल का काम आज ही कर लो।
आज ख़ुद को एक घड़ी देता हूँ,
मगर सोचता हूँ कि वक़्त भी न मिलेगा।
Good Night 4 Line

चाँद को सलाम, नींद नहीं आती

चाँद को सलाम, नींद नहीं आती,
रोज़ यही सोचता हूँ, कल से क्या करूँगा।
बोर होकर किताब उठाता हूँ, पन्ना पलटता हूँ,
और सपना बन जाता है, और सपना आ जाता है।
Barish 4 Line

त्योहार पर लोग भूल जाते हैं

त्योहार पर लोग भूल जाते हैं,
कि दिन किसी के नहीं, किसी महीने के हैं।
भूल जाते हैं, कि ये दिन बनाया किसने,
सितंबर की उमस, सितंबर की धूप, ये सब याद है।
Funny 4 Line

माँ का हाथ और मेरा पर्स

माँ का हाथ और मेरा पर्स,
दोनों में इतना पैसा नहीं, जितना लोग सोचते हैं।
माँ के हाथ में ख़ुशबू होती है,
मेरे पर्स में सिर्फ़ टिकट होते हैं।