Good Night

चाँद को सलाम, नींद नहीं आती

लेखक: Shayari Mirchi Editorial 👁 13
चाँद को सलाम, नींद नहीं आती,
रोज़ यही सोचता हूँ, कल से क्या करूँगा।
बोर होकर किताब उठाता हूँ, पन्ना पलटता हूँ,
और सपना बन जाता है, और सपना आ जाता है।

सोने से पहले की एक आदत, और उसमें किताब से शुरू होकर सपने तक का सफ़र।

Shayari Mirchi Editorial

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Shayari Mirchi की एडिटोरियल टीम। यहाँ लिखी गई शायरी, क्वोट और कैप्शन इसी साइट के लिए लिखे गए हैं।

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