Reflective Shayari

Sochne aur samajhne wala mood — dheere aur gehri lines.

विचार करने वाला, शांत और गहरा मूड।

99 entries in this collection

Attitude 4 Line

मुँह बुरा सुना तो बुरा नहीं

मुँह बुरा सुना तो बुरा नहीं होता,
कान बुरा सुनते हैं, काम बुरा नहीं करते।
और जो काम बुरा करते हैं, उनकी
अपनी ज़रूरत है, उनकी मत पूछिए।
Attitude 4 Line

जिस दिन आवाज़ मिलेगी, उस दिन

जिस दिन आवाज़ मिलेगी, उस दिन मैं सुनूँगा,
आज तक सिर्फ़ ख़ामोशी मिली है।
लोग कहते हैं, समय आने पर सब होता है,
मैं कहता हूँ, समय नहीं, इरादा चाहिए।
Attitude 4 Line

दोस्ती में मेरी जगह अलग है

दोस्ती में मेरी जगह अलग है,
मैं नौकरीपेशा दोस्त नहीं हूँ।
मैं तो वो दोस्त हूँ जो मुसीबत में
सबके बीच खड़ा हो जाता है।
Barish 4 Line

भीगी पत्तियाँ भी तुझे ढूँढ़ती हैं

भीगी पत्तियाँ भी तुझे ढूँढ़ती हैं,
रास्ते भर की ठंडी हवाएँ भी।
बारिश सिर्फ़ पानी नहीं लाती,
उसके साथ तेरा नाम भी धो देती है।
Barish 4 Line

बारिश की तरह बहता ये दर्द

यह दर्द बारिश की तरह बहता है,
जहाँ भी ज़मीन मिले, रुक जाता है।
फिर ज़ोर से आता है, मगर धीमे,
जैसे कोई जाने कि कब रुक जाएगा।
Dard 4 Line

ज़िंदगी ने सब दिया, दर्द एक्स्ट्रा

ज़िंदगी ने सब कुछ दिया मुझे,
और दर्द अलग से भेज दिया।
ख़ुशियाँ चुनी ही नहीं मुझे, दर्द ने
स्वयं चुन लिया, और साथ में ले आया।
Bewafa 4 Line

मैंने तीन बार इशारा किया

मैंने तीन बार इशारा किया,
तीनों बार तूने कहा, मुझे रास्ता मालूम है।
चौथी बार मैंने चुप रहने की ठानी,
तभी समझ आया, इशारे मेरे सिर्फ़ मुझे सुनाई देते थे।
Dosti 4 Line

दोस्त बुरा होता तो तीर मारता

दोस्त बुरा होता तो तीर मारता,
सीधा सीने में, वरना क्या दोस्ती है।
मैंने ज़िंदगी भर पीठ पे वार सहने,
तू भी सीधा सीना मत कर, काम का है।
Birthday 4 Line

तीसरी उम्र का सब्द

तीसरी उम्र का सब्द है, अब तय कर ले,
या तो मुस्कुराना है, या भाग जाना।
जो लोग कहते हैं, उम्र बढ़ी तो ख़त्म हुए,
उनकी गिनती मेरे दिन गिनने से पहले है।
Alone 4 Line

सब जगह फिरते हैं कुछ लोग

सब जगह फिरते हैं कुछ लोग,
और हर जगह रहते हैं कम लोग।
सुबह की भीड़ में भी खड़ा है कुछ ऐसा,
जो जाते-जाते ख़ुद को भी खो देता है।
Good Morning 4 Line

उठने में वक़्त लगता है

उठने में वक़्त लगता है, मगर उठना ज़रूरी है,
वरना कल का काम आज ही कर लो।
आज ख़ुद को एक घड़ी देता हूँ,
मगर सोचता हूँ कि वक़्त भी न मिलेगा।
Good Night 4 Line

चाँद को सलाम, नींद नहीं आती

चाँद को सलाम, नींद नहीं आती,
रोज़ यही सोचता हूँ, कल से क्या करूँगा।
बोर होकर किताब उठाता हूँ, पन्ना पलटता हूँ,
और सपना बन जाता है, और सपना आ जाता है।