Lonely Shayari

Tanhai aur akela ehsaas — jab koi saath na ho.

अकेले रहने और तन्हाई की शायरी। जब कोई नहीं है और सन्नाटा ही साथी बन जाए।

33 entries in this collection

Alone 4 Line

सब जगह फिरते हैं कुछ लोग

सब जगह फिरते हैं कुछ लोग,
और हर जगह रहते हैं कम लोग।
सुबह की भीड़ में भी खड़ा है कुछ ऐसा,
जो जाते-जाते ख़ुद को भी खो देता है।
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Alone 4 Line

अकेले चाय पीता हूँ

अकेले चाय पीता हूँ, कप गर्म रहता है,
मगर हाथ नहीं गर्म होता।
बराबरी में दो कप हों तो ज़िंदगी चलती है,
और अकेले कप हो तो सिर्फ़ याद रहती है।
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