Lonely Shayari
Tanhai aur akela ehsaas — jab koi saath na ho.
अकेले रहने और तन्हाई की शायरी। जब कोई नहीं है और सन्नाटा ही साथी बन जाए।
33 entries in this collection
हज़ार लोगों के बीच मेरी कुर्सी
हज़ार लोग बैठे हैं, कुर्सी सिर्फ़ एक है,
मैं वही हूँ जो गिना नहीं गया।
मैं वही हूँ जो गिना नहीं गया।
अकेले में देश का घोड़ा
अकेले में देश का घोड़ा भी अकेला चलता है,
पर उसकी हवा में लोगों की आवाज़ें रहती हैं।
पर उसकी हवा में लोगों की आवाज़ें रहती हैं।