Emotional Shayari
Bhavnata aur ehsaas se bhara mood — jab dil bhar na aaye.
भावना से भरी शायरी जहाँ एहसास गहरा हो।
66 entries in this collection
मैंने दिल की चाबी दे दी
मैंने दिल की चाबी दे दी,
और ख़ुद को ताला बना लिया।
ताला भी तेरे साथ जा रहा है,
क्योंकि दिल को दरवाज़े से दूर नहीं रखा जाता।
और ख़ुद को ताला बना लिया।
ताला भी तेरे साथ जा रहा है,
क्योंकि दिल को दरवाज़े से दूर नहीं रखा जाता।
तूने मेरी ग़लतें ढक दीं
तूने मेरी ग़लतें ढक दीं, बिना पूछे,
और बाद में डाँट भी दी, ये तेरी आदत थी।
लोग कहते हैं, दोस्त सच्चा वो है जो छोड़े,
पर जो चुप रहे, उसी से काम बनता है।
मैं एक बात सीखा हूँ इन दिनों,
कि दोस्ती में कोई छूट की जगह नहीं होती,
बस इज़्ज़त ज़रूरी है, बाक़ी सब माफ़।
और बाद में डाँट भी दी, ये तेरी आदत थी।
लोग कहते हैं, दोस्त सच्चा वो है जो छोड़े,
पर जो चुप रहे, उसी से काम बनता है।
मैं एक बात सीखा हूँ इन दिनों,
कि दोस्ती में कोई छूट की जगह नहीं होती,
बस इज़्ज़त ज़रूरी है, बाक़ी सब माफ़।
रात को तेरी याद सबको बताऊँगा
रात को तेरी याद सबको बताऊँगा,
और वो लोग कहेंगे, सपना था।
मैं कहूँगा, सपना नहीं, अब ये सच में हो गया,
और सच में होने में वक़्त लगता है यार।
और वो लोग कहेंगे, सपना था।
मैं कहूँगा, सपना नहीं, अब ये सच में हो गया,
और सच में होने में वक़्त लगता है यार।
तेरे जन्मदिन पर अमित
तेरे जन्मदिन पर अमित, ये सुनकर
लोग मुस्कुराते हैं और मैं चुप रहता हूँ।
मैं ये सीख चुका हूँ कि कुछ दिन
किसी की याद में दूसरों के लिए मिट जाते हैं।
लोग मुस्कुराते हैं और मैं चुप रहता हूँ।
मैं ये सीख चुका हूँ कि कुछ दिन
किसी की याद में दूसरों के लिए मिट जाते हैं।
दोस्ती में हिसाब नहीं रखना
दोस्ती में हिसाब नहीं रखा करते,
यही एक मिथक है, जिसे हमने चालू रखा है।
मैंने जो दिया, वो डाल के क्या हुआ,
लेकिन जो दिया, उसका क़र्ज़ अब भी बाक़ी है।
और सच यह है कि दोस्ती में ख़र्च होती है,
पर लिखा कहीं नहीं जाता, यही नेकनामी है।
और सबूत सिर्फ़ वो रात रहती है, जब दोनों थके होते।
यही एक मिथक है, जिसे हमने चालू रखा है।
मैंने जो दिया, वो डाल के क्या हुआ,
लेकिन जो दिया, उसका क़र्ज़ अब भी बाक़ी है।
और सच यह है कि दोस्ती में ख़र्च होती है,
पर लिखा कहीं नहीं जाता, यही नेकनामी है।
और सबूत सिर्फ़ वो रात रहती है, जब दोनों थके होते।
माँ का दुआ था जन्मदिन पर
माँ का दुआ था मेरे जन्मदिन पर,
और वो सब मिला मुझे मिलने के बाद।
कभी-कभी सोचता हूँ, शायद जन्म
इसलिए मिला कि कोई हमेशा साथ रहे।
और वो सब मिला मुझे मिलने के बाद।
कभी-कभी सोचता हूँ, शायद जन्म
इसलिए मिला कि कोई हमेशा साथ रहे।
रात में आँसू तेज़ हो गए हैं
रात में आँसू तेज़ हो गए हैं,
कम्बल गले से लगाकर सोता हूँ।
कभी सोचता हूँ, बताऊँ किसे,
पर बात दर्द की है, शिकायत किसे।
कम्बल गले से लगाकर सोता हूँ।
कभी सोचता हूँ, बताऊँ किसे,
पर बात दर्द की है, शिकायत किसे।