Emotional Shayari
Bhavnata aur ehsaas se bhara mood — jab dil bhar na aaye.
भावना से भरी शायरी जहाँ एहसास गहरा हो।
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खिड़की बंद करके आज भी
खिड़की बंद करके आज भी
उसी दिशा में देखता रहता हूँ।
और जो नज़र नहीं आता, उसे
कहते हैं याद, और मैं कहता हूँ, कमी।
उसी दिशा में देखता रहता हूँ।
और जो नज़र नहीं आता, उसे
कहते हैं याद, और मैं कहता हूँ, कमी।
माँ का पालना और देश का पालना
माँ का पालना और देश का पालना एक जैसा है,
दोनों में कभी कोई नहीं पूछता।
जो माँ जिस दिन हाथ छोड़ती है,
उस दिन देश भी साथ में खड़ा रहता है।
दोनों में कभी कोई नहीं पूछता।
जो माँ जिस दिन हाथ छोड़ती है,
उस दिन देश भी साथ में खड़ा रहता है।
माँ के साथ बैठे बचते हैं
माँ के साथ बैठे बचते हैं,
और ख़ुद गढ़ने की ताक़त देती है।
हर मुश्किल में वो चुप रहती है,
पर कभी चुप नहीं होती।
मैं बड़ा हुआ, पर अब भी जब थकता हूँ,
तो सोचता हूँ, माँ की गोद आ जाए, कितना अच्छा होगा।
वो जगह आज भी है, बस उम्र बदल गई है।
और ख़ुद गढ़ने की ताक़त देती है।
हर मुश्किल में वो चुप रहती है,
पर कभी चुप नहीं होती।
मैं बड़ा हुआ, पर अब भी जब थकता हूँ,
तो सोचता हूँ, माँ की गोद आ जाए, कितना अच्छा होगा।
वो जगह आज भी है, बस उम्र बदल गई है।
माँ का हाथ और मेरा पर्स
माँ का हाथ और मेरा पर्स,
दोनों में इतना पैसा नहीं, जितना लोग सोचते हैं।
माँ के हाथ में ख़ुशबू होती है,
मेरे पर्स में सिर्फ़ टिकट होते हैं।
दोनों में इतना पैसा नहीं, जितना लोग सोचते हैं।
माँ के हाथ में ख़ुशबू होती है,
मेरे पर्स में सिर्फ़ टिकट होते हैं।
इस गली में कोई अपना नहीं
इस गली में अब कोई अपना दरवाज़ा नहीं,
फिर भी यहाँ तेरी गली सबसे अच्छी लगती है।
फिर भी यहाँ तेरी गली सबसे अच्छी लगती है।