Maa Shayari
Maa ke liye shayari — bachpan se aaj tak ki baat.
माँ और घर से जुड़ी भावनाओं की शायरी।
8 entries in this collection
माँ का दुआ था जन्मदिन पर
माँ का दुआ था मेरे जन्मदिन पर,
और वो सब मिला मुझे मिलने के बाद।
कभी-कभी सोचता हूँ, शायद जन्म
इसलिए मिला कि कोई हमेशा साथ रहे।
और वो सब मिला मुझे मिलने के बाद।
कभी-कभी सोचता हूँ, शायद जन्म
इसलिए मिला कि कोई हमेशा साथ रहे।
माँ का पालना और देश का पालना
माँ का पालना और देश का पालना एक जैसा है,
दोनों में कभी कोई नहीं पूछता।
जो माँ जिस दिन हाथ छोड़ती है,
उस दिन देश भी साथ में खड़ा रहता है।
दोनों में कभी कोई नहीं पूछता।
जो माँ जिस दिन हाथ छोड़ती है,
उस दिन देश भी साथ में खड़ा रहता है।
माँ के साथ बैठे बचते हैं
माँ के साथ बैठे बचते हैं,
और ख़ुद गढ़ने की ताक़त देती है।
हर मुश्किल में वो चुप रहती है,
पर कभी चुप नहीं होती।
मैं बड़ा हुआ, पर अब भी जब थकता हूँ,
तो सोचता हूँ, माँ की गोद आ जाए, कितना अच्छा होगा।
वो जगह आज भी है, बस उम्र बदल गई है।
और ख़ुद गढ़ने की ताक़त देती है।
हर मुश्किल में वो चुप रहती है,
पर कभी चुप नहीं होती।
मैं बड़ा हुआ, पर अब भी जब थकता हूँ,
तो सोचता हूँ, माँ की गोद आ जाए, कितना अच्छा होगा।
वो जगह आज भी है, बस उम्र बदल गई है।
माँ का हाथ और मेरा पर्स
माँ का हाथ और मेरा पर्स,
दोनों में इतना पैसा नहीं, जितना लोग सोचते हैं।
माँ के हाथ में ख़ुशबू होती है,
मेरे पर्स में सिर्फ़ टिकट होते हैं।
दोनों में इतना पैसा नहीं, जितना लोग सोचते हैं।
माँ के हाथ में ख़ुशबू होती है,
मेरे पर्स में सिर्फ़ टिकट होते हैं।