Reflective Shayari

Sochne aur samajhne wala mood — dheere aur gehri lines.

विचार करने वाला, शांत और गहरा मूड।

99 entries in this collection

Emotional Long

मैगी देर से बनाना आदत बन गया

मैगी देर से बनती है, तू देर से आती है,
मैं रोज़ बर्तन जोड़ता हूँ, ख़ुद को समझाता हूँ।
तूने कहा था, ख़ुदा देखेगा इंतज़ार का,
मैंने गिने साल, हर साल वही सी चौहान्दी।

आज भी मेज़ पर दो कटोरी हैं, एक ही रस्सी से बंधी,
एक कटोरी सूखी रहती है, फिर भी मैं धोता हूँ।
लोग कहते हैं, ज़िंदगी में हर चीज़ मिलती है,
मैं कहता हूँ, कुछ चीज़ें बस टाइम पर नहीं मिलतीं।
Love Long

चाँद को देखकर तेरा चेहरा

चाँद को देखकर मुझे तेरा चेहरा याद आता है,
यह बात सुनकर चाँद शायद शरमा जाएगा।
उसने पूरी रात जागकर हमें देखा,
और मैं रोज़ सोचता हूँ, तेरे चेहरे पर भी ऐतसान है।

अब मैं अमावस्या को नहीं देखता,
मैं तो सिर्फ़ तेरी रोशनी के साथ चलता हूँ।
Emotional Long

बारिश में भीगी हुई यादें

बारिश में यादें भीग जाती हैं,
और फिर भी कहीं गिरती नहीं।
मैं भीगता हूँ, मेरा छाता ख़त्म हो चुका है,
और तू कहीं बहुत दूर किसी और छाँटी में है।

आज बारिश ने फिर वो दिन दोहराया,
जिस दिन मैंने तुझे रोकने की हिम्मत नहीं की थी।
आज भीगता हूँ, पर तारीख़ उसमें खोई हुई है।
Attitude Long

मैं अकेला रहता हूँ कि नहीं

सवाल यह नहीं कि मैं अकेला हूँ या नहीं,
सवाल यह है कि अकेले में मैं क्या बनता हूँ।
जो लोग मुझे कमज़ोर कहते हैं, उन्हें क्या पता,
मैं अकेले में वो सब बनता हूँ जो भी मिल जाए।

रात को जब पुरानी यादें आती हैं,
मैं उन्हें बोलता हूँ, रहने दो, मैं ठीक हूँ।
Barish Long

कुर्सी पर बैठकर तुझसे बात करना

कॉफ़ी की दुकान की कुर्सी ख़ाली मिल जाए,
तो कुछ नहीं, बस तेरी याद आ जाए।
बारिश हो तो छत पर कॉल कर लेता हूँ,
बिना छत के क्या बात करूँगा, भाग जाएगी तू।

हम लोग ज़िंदगी भर बारिश का इंतज़ार करते हैं,
और जब आती है तो भीगना किसी के साथ होता है।
मैं भीगता हूँ, पर तेरी छत नहीं मिलती, ये सच है।
Dosti Long

तूने मेरी ग़लतें ढक दीं

तूने मेरी ग़लतें ढक दीं, बिना पूछे,
और बाद में डाँट भी दी, ये तेरी आदत थी।
लोग कहते हैं, दोस्त सच्चा वो है जो छोड़े,
पर जो चुप रहे, उसी से काम बनता है।

मैं एक बात सीखा हूँ इन दिनों,
कि दोस्ती में कोई छूट की जगह नहीं होती,
बस इज़्ज़त ज़रूरी है, बाक़ी सब माफ़।
Dosti Long

दोस्ती में हिसाब नहीं रखना

दोस्ती में हिसाब नहीं रखा करते,
यही एक मिथक है, जिसे हमने चालू रखा है।
मैंने जो दिया, वो डाल के क्या हुआ,
लेकिन जो दिया, उसका क़र्ज़ अब भी बाक़ी है।

और सच यह है कि दोस्ती में ख़र्च होती है,
पर लिखा कहीं नहीं जाता, यही नेकनामी है।
और सबूत सिर्फ़ वो रात रहती है, जब दोनों थके होते।

देश का दीवाना मैं हूँ

बचपन से कुछ ऐसा दिल में बैठ गया,
कि ये धरती हमारी है, और हम इसके।
मैं इसे कहूँगा, मेरा रिश्ता, इसे कहूँगा, मेरी ज़मीन,
यही सपना है, और यही सच भी है।

कभी सोचता हूँ, आज क्या बेहतर करूँ,
एक छोटा सा काम, बस अपने चारों ओर से,
जो टूटा है उसे जोड़ूँ, जो बिखरा है उसे सँभालूँ,
यही असली देश-भक्ति है, इससे आगे कुछ नहीं है।
Maa Long

माँ के साथ बैठे बचते हैं

माँ के साथ बैठे बचते हैं,
और ख़ुद गढ़ने की ताक़त देती है।
हर मुश्किल में वो चुप रहती है,
पर कभी चुप नहीं होती।

मैं बड़ा हुआ, पर अब भी जब थकता हूँ,
तो सोचता हूँ, माँ की गोद आ जाए, कितना अच्छा होगा।
वो जगह आज भी है, बस उम्र बदल गई है।