कुर्सी पर बैठकर तुझसे बात करना
कॉफ़ी की दुकान की कुर्सी ख़ाली मिल जाए,
तो कुछ नहीं, बस तेरी याद आ जाए।
बारिश हो तो छत पर कॉल कर लेता हूँ,
बिना छत के क्या बात करूँगा, भाग जाएगी तू।
हम लोग ज़िंदगी भर बारिश का इंतज़ार करते हैं,
और जब आती है तो भीगना किसी के साथ होता है।
मैं भीगता हूँ, पर तेरी छत नहीं मिलती, ये सच है।
तो कुछ नहीं, बस तेरी याद आ जाए।
बारिश हो तो छत पर कॉल कर लेता हूँ,
बिना छत के क्या बात करूँगा, भाग जाएगी तू।
हम लोग ज़िंदगी भर बारिश का इंतज़ार करते हैं,
और जब आती है तो भीगना किसी के साथ होता है।
मैं भीगता हूँ, पर तेरी छत नहीं मिलती, ये सच है।
कॉफ़ी की दुकान, छत की बारिश और भीगते हुए साथ बिताए मिनटों का एक पूरा दृश्य।