Reflective Shayari
Sochne aur samajhne wala mood — dheere aur gehri lines.
विचार करने वाला, शांत और गहरा मूड।
99 entries in this collection
मैं अकेला रहता हूँ कि नहीं
सवाल यह नहीं कि मैं अकेला हूँ या नहीं,
सवाल यह है कि अकेले में मैं क्या बनता हूँ।
जो लोग मुझे कमज़ोर कहते हैं, उन्हें क्या पता,
मैं अकेले में वो सब बनता हूँ जो भी मिल जाए।
रात को जब पुरानी यादें आती हैं,
मैं उन्हें बोलता हूँ, रहने दो, मैं ठीक हूँ।
सवाल यह है कि अकेले में मैं क्या बनता हूँ।
जो लोग मुझे कमज़ोर कहते हैं, उन्हें क्या पता,
मैं अकेले में वो सब बनता हूँ जो भी मिल जाए।
रात को जब पुरानी यादें आती हैं,
मैं उन्हें बोलता हूँ, रहने दो, मैं ठीक हूँ।
रात को तेरी याद सबको बताऊँगा
रात को तेरी याद सबको बताऊँगा,
और वो लोग कहेंगे, सपना था।
मैं कहूँगा, सपना नहीं, अब ये सच में हो गया,
और सच में होने में वक़्त लगता है यार।
और वो लोग कहेंगे, सपना था।
मैं कहूँगा, सपना नहीं, अब ये सच में हो गया,
और सच में होने में वक़्त लगता है यार।
चाँद को सलाम, नींद नहीं आती
चाँद को सलाम, नींद नहीं आती,
रोज़ यही सोचता हूँ, कल से क्या करूँगा।
बोर होकर किताब उठाता हूँ, पन्ना पलटता हूँ,
और सपना बन जाता है, और सपना आ जाता है।
रोज़ यही सोचता हूँ, कल से क्या करूँगा।
बोर होकर किताब उठाता हूँ, पन्ना पलटता हूँ,
और सपना बन जाता है, और सपना आ जाता है।