Barish मानसून की रात ठहरती नहीं लेखक: Shayari Mirchi Editorial November 16, 2025 👁 20 मानसून की रात ठहरती नहीं, और नींद भी कल आएगी। 📋 Copy 💬 WhatsApp 🔗 Copy link 🔖 Save ↗ Share मानसून की रात की नींद और उसके लिए टाल गया इंतज़ार।
Barish 2 Line खिड़की के किनारे बैठना चाहता हूँ खिड़की के किनारे बैठना चाहता हूँ, आज भी वहीं बारिश सुननी है। 📋 Copy 💬 WhatsApp 🔗 Copy link 🔖 Save ↗ Share
Barish Long कुर्सी पर बैठकर तुझसे बात करना कॉफ़ी की दुकान की कुर्सी ख़ाली मिल जाए, तो कुछ नहीं, बस तेरी याद आ जाए। बारिश हो तो छत पर कॉल कर लेता हूँ, बिना छत के क्या बात करूँगा, भाग जाएगी तू। हम लोग ज़िंदगी भर बारिश का इंतज़ार करते हैं, और जब आती है तो भीगना किसी के साथ होता है। मैं भीगता हूँ, पर तेरी छत नहीं मिलती, ये सच है। 📋 Copy 💬 WhatsApp 🔗 Copy link 🔖 Save ↗ Share
Barish 4 Line भीगी पत्तियाँ भी तुझे ढूँढ़ती हैं भीगी पत्तियाँ भी तुझे ढूँढ़ती हैं, रास्ते भर की ठंडी हवाएँ भी। बारिश सिर्फ़ पानी नहीं लाती, उसके साथ तेरा नाम भी धो देती है। 📋 Copy 💬 WhatsApp 🔗 Copy link 🔖 Save ↗ Share
Barish 4 Line बारिश की तरह बहता ये दर्द यह दर्द बारिश की तरह बहता है, जहाँ भी ज़मीन मिले, रुक जाता है। फिर ज़ोर से आता है, मगर धीमे, जैसे कोई जाने कि कब रुक जाएगा। 📋 Copy 💬 WhatsApp 🔗 Copy link 🔖 Save ↗ Share
Dosti Short रात को तेरी याद सबको बताऊँगा रात को तेरी याद सबको बताऊँगा, और वो लोग कहेंगे, सपना था। मैं कहूँगा, सपना नहीं, अब ये सच में हो गया, और सच में होने में वक़्त लगता है यार। 📋 Copy 💬 WhatsApp 🔗 Copy link 🔖 Save ↗ Share
Barish Short बारिश का दिन है आज भी बारिश का दिन है आज भी, छाता उठा ले, गीले रास्ते कभी अजनबी से जान पहचान बन जाते हैं। चाय की भाप कोने में चढ़ रही है, और भीगी सड़क पर नए क़दम गिने जा रहे हैं। 📋 Copy 💬 WhatsApp 🔗 Copy link 🔖 Save ↗ Share