Non Veg Shayari in Hindi | 500+ नॉन वेज शायरी हिंदी में

मैं आपके लिए बहुत ही बेहतरीन और मजेदार Non Veg Shayari लेकर आया हूं। मैं पूरे यकीन से कह सकता हूं कि पूरे इंटरनेट पर आपको ऐसी (Hot Shayari) नॉन वेज शायरी हिंदी में नही मिलेगी।

अगर आपको हमारी शायरी थोड़ी भी अच्छी लगे तो इसे दोस्तो के साथ शेयर जरूर करें। तो आईये जोश के साथ पढ़ते है नॉन वेज शायरी का बेहतरीन कलेक्शन हिंदी में।

Non Veg Shayari in Hindi

संबंध कभी भी जीतकर नहीं निभाए जा सकते,
संबंधों की खुशहाली झुकने और सहने से बढ़ती है..!!

 

इश्क मोहब्बत क्या है मुझे मालूम नहीं बस
उसकी याद आती है और ये खड़ा हो जाता है।।

 

यार अजब तेरे नखरे, गज़ब तेरा स्टाइल हैं।
Ga#D धोने की तमीज नहीं, हाथ में मोबाइल है।।

 

क्या कशिश थी उस की आँखों में मत पूछो;
मुझ से मेरा दिल लड़ पड़ा मुझे यही चू० चाहिए।

 

महसूस करनी थी तेरे दिल की धड़कन ऐ ज़ालिम,
बस यही वजह थी तेरे ब्लाउस में हाथ डालने की।

 

एक बार नहीं सौ बार ये दिल टूटा…
पर चोदने का शौक साला फिर भी ना छूटा।

 

बायो टीचर: क्या पेनिस में हड्डी होती है?
लड़की: हांजी सर, होती है।
पप्पू: नहीं सर, नहीं होती। इन लड़कियों को क्या पता,
इन्हें तो हमेशा खड़ा ही मिलता है।

 

पुराने आशिक वफा तलाश करते थे,
आज के आशिक जगह तलाश करते है।

 

मत उड़ो आसमान में ज्यादा, जमीन पे पांव रखो थोड़े,
किस्मत का कोई भरोसा नहीं दोस्त, कहीं भी लग
सकते हैं लौड़े।

 

बरसात के मौसम में हरियाली खिलती है,
इतिहास गवाह है कि चुत चूतिये को ही मिलत्ती है।

 

Non Veg Shayari in Hindi

वो थापड़ मरती रही और मैं झेलता रहा,
दूसरे दिन , वो चीखती रही और मै पेलता रहा |

 

तेज खोपडी..और सील पैक भोसडी..
किस्मत वालो को ही मिलती हैं।

 

जिंदगी का पासा मैंने कुछ इस तरह फेंका है,
घोड़ी चढ़ने की बजाय घोड़ी बनाने का ख्वाब देखा है।

 

बात करें तो लफ्ज़ों से बदबू आती हैं..
मेरी बाबू न जाने किसका लo पीकर आती हैं..!!

 

मैं ये नहीं कहता कि जीवन भर साथ दे,
लेकिन जब तक साथ है तब तक तो दबाने दे।

 

तेरी कातिल नज़रों से जो टकराया होगा,
मुझे नहीं लगता वो कभी मुट्ठ मारने से फुर्सत पाया होगा।

 

मैं ये नहीं कहता कि जीवन भर साथ दे,
लेकिन जब तक साथ है तब तक तो दबाने दे।

 

मेरा प्यार मुझसे रुठ गया,
मैंने तो केवल इतना कह था तुझे देखते ही मेरा पानी
छूट गया।

 

मर्दाना कमजोरी से अब नहीं है घबराना,
रोज़ सोने से पहले है जरूर हिलाना।

 

मेरे हवस के कौवे को मोहब्बत की रोटी खिला दो..
चलो बहुत पढ़ ली शायरी, अब आके मेरा हिला दो।

 

Non Veg Shayari in Hindi

आदमी का क्या है बिचारे का
बचपन मे जूतों में “पुचु-पुचु” की और…….
जवानी में चुतो में 👉👌 “पुचु-पुचु” की….
आवाज़ मिल जाये तो बंदा खुश।

 

मोहब्बत मत करना यारों,
क्योंकि इसके चक्कर में गांड मरवा चुके हैं हज़ारों।

 

दो पल की जिंदगी है सारे शिकवे भुला लो,
अगले पल का क्या भरोसा तुम अभी हिला लो।

 

मचल उठा था ये यौवन, तेरा हुस्न देखकर,
अब ठोकने की बारी आई,
तो भाग गयी, मादरचोद लंड देखकर।

 

तेरा तीर ए मोहब्बत मेरे दिल से हो कर जाता है,
आगे खुद लिख ले भोसड़ी के मुझे इतना ही आता है।

 

बचपन कितना जल्दी बीत गया ना,
टायर घुमाते-घुमाते लंड हिलाने लगे पता ही नहीं चला।

 

खुशनसीब हैं वो जिन्हें प्यार मिला है…,
उसके बाद क्या हुआ बस हाथ हिला है..!!

 

इस कदर खो गए थे हम उसकी मोहब्बत में,
कि पता ही नहीं चला कि वक्त्त कट रहा है या चुतिया

 

कोई भी आदमी छोटा या बड़ा नहीं होता,
आदमी का छोटा या बड़ा हो सकता है।

 

उस लड़की का दिल कभी ना तोडना जो बेचारी,
कमरे में गद्दा ना हो तो फर्श पे देने को तैयार हो जाये।

 

Non Veg Shayari in Hindi

वो मज़ा ना किसी में,
ना सेक्स में, ना पूरी दुनिया की रंडियों में,
ना हँसी में, न कुबेर के खजाने में,
जो मजा है सुबह उठ कर गोटियां खुजाने में।

 

इश्क में इसलिए भी धोखा खानें लगें हैं लोग ,
दिल की जगह छेद को चाहनें लगे हैं लोग।

 

मोह्बत करने वालों को इंकार अच्छा नहीं लगता,
अरे जब तक चुदाई न हो तो प्यार सच्चा नहीं लगता।

 

रहिमन दरिया प्रेम का, जो डूबे सो पार!!
चुदाई पूरी हो गयी अब लंड से निकले धार!!

 

खुदाई वो खेल नहीं जो छोटे दिल वाले खेलें,
आत्मा काँप जाती है, पेलते पेलते।

 

कैसे लड़ेगी मुकदमा तू अपनी तनहाई का,
तेरे गांव का एक-एक खेत गवाह है तेरी जबरदस्त
चुदाई का

 

आँख क्या मारती है मार दे तलवार,
करती है सच्चा प्यार तो खोल दे सलवार।

 

गैरों ने नसीहत दी और दिया अपनो ने धोखा,
ये दुनिया है साहब…
यहाँ हर किसी को चाहिए गांड मारने का मौका!

 

पहिले लोग महबुब को पलको पर बिठाते थे,
ओर आजकल तो लौड़े पर बैठाते है।

 

सात अजूबे इस दुनिया में, आठवीं अपनी जोड़ी…
देना है तो दे नही तो, भाग बहन की लौड़ी…

 

Non Veg Shayari in Hindi

कभी-कभार ऐसा भी होता है जिसपे तुम मर रहे
होते हो,वो कहीं और मरा रही होती है

 

हम रातों को जिनके लिए उठ – उठ कर तन्हा रोते हैं ,
वो बेदर्द मज़े से झुक -झुक कर ,किसी और को देते हैं.

 

आजकल के बच्चे बडे मादरचोद हो गये है,
एक बच्चा गाना गा रहा था…
जिंदगी मे कभी कोई आये ना रब्बा,
आये तो फिर बिना चुदे जाये ना रब्बा।

 

जो सेट हो जाये वो बाल ही क्या…
जो लड़की रिजल्ट खराब ना करवाये वो माल ही क्या

 

मैंने माँगा था थोड़ा सा उजाला अपनी ज़िन्दगी में,
चाहने वालो ने तो मेरे झांटो में आग ही लगा दी।

 

छोड़ो ये मुहब्बत ये इश्क़ का रोग,
चूतियापा है मुहब्बत और मादरचोद है लोग।

 

मैने कहा गुफ्तगू करनी हैं बंद कमरे में चलो …..
उसने कहा चारपाई टूटी हैं….. चटाई बिछा लों….

 

मुझे तू अपनी जिंदगी की अब खुशी समझ ले,
आ बैठ मेरे लण्ड पे,उसे कुर्सी समझ ले।