Dosti Shayari – दोस्ती की अनकही बातें

Dosti aur yaari par likhi shayari.

दोस्ती पर शायरी हर उम्र में लिखी जाती है, क्योंकि दोस्ती ही वह रिश्ता है जो ज़िंदगी भर बदलती नहीं, बस उसका तरीका बदल जाता है। बचपन का यार वही दोस्त आज बीवी पर घूमता है, और यह बदलाव ही सबसे बड़ी ख़ासियत है।

इस पृष्ठ पर वे पंक्तियाँ हैं जो आप अपने उस यार के लिए भेजना चाहें जिसने बिना कुछ कहे आपकी सबसे मुश्किल दिन में साथ दिया। साथ ही कुछ ऐसी भी पंक्तियाँ हैं जो बताती हैं कि दोस्ती कभी बदलती नहीं, बस छिप जाती है।

इस संग्रह की सबसे अच्छी बात यह है कि यहाँ शायरी हल्की भी है और गहरी भी। कहीं हँसी है, कहीं पुरानी यादें हैं, और कहीं बहुत सीधे कही गई एक बात।

इस संग्रह में 0 शायरी

Attitude 2 Line

दोस्त मुझे तोड़ा है तो

तू दोस्त है, ये मतलब पक्का है,
पर मेरे साथ चलना तेरी मर्ज़ी है।
Attitude 4 Line

दोस्ती में मेरी जगह अलग है

दोस्ती में मेरी जगह अलग है,
मैं नौकरीपेशा दोस्त नहीं हूँ।
मैं तो वो दोस्त हूँ जो मुसीबत में
सबके बीच खड़ा हो जाता है।
Dosti 4 Line

दोस्त बुरा होता तो तीर मारता

दोस्त बुरा होता तो तीर मारता,
सीधा सीने में, वरना क्या दोस्ती है।
मैंने ज़िंदगी भर पीठ पे वार सहने,
तू भी सीधा सीना मत कर, काम का है।
Dosti Long

तूने मेरी ग़लतें ढक दीं

तूने मेरी ग़लतें ढक दीं, बिना पूछे,
और बाद में डाँट भी दी, ये तेरी आदत थी।
लोग कहते हैं, दोस्त सच्चा वो है जो छोड़े,
पर जो चुप रहे, उसी से काम बनता है।

मैं एक बात सीखा हूँ इन दिनों,
कि दोस्ती में कोई छूट की जगह नहीं होती,
बस इज़्ज़त ज़रूरी है, बाक़ी सब माफ़।
Alone 2 Line

जिस दिन तुझसे मिला कोई

जिस दिन तुझसे मिला कोई, ठहर गया,
और जिस दिन तू नहीं था, बस रुक गया।
Dosti Short

चुप्पी रहते हैं यार, पसंद है मुझे

चुप्पी रहते हैं यार, पसंद है मुझे,
बातें कम, हमदद बढ़ती है।

शाम को छत पर बैठना, चाय का कप,
और बीच में बस चुप्पी, यही अपनापन है।
Dosti 2 Line

माँ के घर की रोटी

माँ के घर की रोटी आज भी अलग लगती है,
दुनिया की रोटी में दिल नहीं मिलता।
Dosti Short

रात को तेरी याद सबको बताऊँगा

रात को तेरी याद सबको बताऊँगा,
और वो लोग कहेंगे, सपना था।

मैं कहूँगा, सपना नहीं, अब ये सच में हो गया,
और सच में होने में वक़्त लगता है यार।
Dosti Long

दोस्ती में हिसाब नहीं रखना

दोस्ती में हिसाब नहीं रखा करते,
यही एक मिथक है, जिसे हमने चालू रखा है।
मैंने जो दिया, वो डाल के क्या हुआ,
लेकिन जो दिया, उसका क़र्ज़ अब भी बाक़ी है।

और सच यह है कि दोस्ती में ख़र्च होती है,
पर लिखा कहीं नहीं जाता, यही नेकनामी है।
और सबूत सिर्फ़ वो रात रहती है, जब दोनों थके होते।

यह पृष्ठ उन लोगों के लिए है जो शायरी भेजकर नहीं, बस दिखाकर अपना दोस्त पहचानते हैं। यहाँ की पंक्तियाँ सीधे उस दोस्त की तरफ़ से हैं जो कभी नहीं बोलेगा, पर सब समझता है।

दोस्ती की शायरी में किन बातों की चर्चा होती है?

दोस्ती की शायरी में छह-छह बातें बार-बार आती हैं, और सब असली हैं।

दोस्ती की शायरी कैसे भेजें

भेजने का सही वक़्त यारी का जन्मदिन या किसी ख़ास दिन होता है, वरना बीच-बीच में यह जल्दी बाज़ी लगती है।

  1. पहले वो यार चुनिए जिसकी आप आज दिनचयन की बात करते हैं।
  2. उसके साथ बिताए एक-दो किस्से मन में लाइए।
  3. पंक्ति में वो किस्सा घुमाकर लिखिए, सीधे उससे डरने की ज़रूरत नहीं।

सिर्फ़ एक लाइन चाहिए तो दोस्ती के स्टेटस वाला पेज सही जगह है।

कहानी और कैप्चर वाले दोस्त

कई दोस्ती बीस साल से ज़्यादा नहीं टिकतीं, इसका कारण घटनाएँ नहीं बल्कि कम बातें होना है। अगर सच में कोई दोस्त ज़िंदगी भर साथ रहा हो, तो उसके बारे में माँ के लिए लिखी शायरी वाला हिस्सा भी पढ़ा जा सकता है।

असली यार वह है जो कम बोलता है और साफ़-सुथरा साथ देता है।

अगर दोस्ती में कुछ कमी लगे

कभी-कभी लगता है कि दोस्त ने दूरी बना ली। इसका पहला कदम बात करना है, और उसके लिए छोटी-छोटी लाइनें स्टेटस वाले पृष्ठ से ली जा सकती हैं।

अगर मन में ज़िंदगी की बड़ी सोच आ रही हो, तो ज़िंदगी पर गहराई से लिखी पंक्तियाँ पढ़िए और अपने साथ एक राय बनाइए।

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