Funny Shayari – हँसी उड़ाने वाली शायरी
Mazedaar aur halki shayari — hasi ka mood.
हँसी का कोई मूड नहीं होता, वह हर जगह काम करती है। और जब हँसी शायरी में होती है, तो बात भी हल्की हो जाती है। इसीलिए माँसिक दबाव में या किसी भेंट में हँसाने के लिए ये पंक्तियाँ सबसे काम आती हैं।
यह संग्रह उन लोगों के लिए है जिनकी मज़ाक की शैली नरम है, पंच वाली नहीं। यहाँ न किसी का अपमान है, न किसी हानि की बात, बस हल्की-फुल्की टोकटोक और रोज़मर्रा के हालात।
एक काम की बात यह है कि हँसाने वाली शायरी सबसे ज़्यादा फ़ॉरवर्ड होती है। अगर आपको वही चाहिए तो यह पृष्ठ आपके लिए बना है। हँसी किसी को नुस्सा नहीं करती, बस हल्का कर देती है, और यही इन पंक्तियों से सबसे बड़ा फ़ायदा है।
इस संग्रह में 0 शायरी
मेरे लिए तेरी वैल्यू ज़ीरो
ज़ीरो की नीलामी भी नहीं होती।
तू जो दावा लगाता है अपना,
वो सिर्फ़ शोर है, इतना भी नहीं।
दोस्त बुरा होता तो तीर मारता
सीधा सीने में, वरना क्या दोस्ती है।
मैंने ज़िंदगी भर पीठ पे वार सहने,
तू भी सीधा सीना मत कर, काम का है।
ज़िंदगी का रास्ता बनाओ
हाँ, हाथ से मिट्टी मिट्टी करते हुए।
ज़िंदगी टेढ़ी है, कोई मोड़ नहीं होता,
तो तय कर ले, फिर वहाँ से कहाँ निकलना है।
माँ का हाथ और मेरा पर्स
दोनों में इतना पैसा नहीं, जितना लोग सोचते हैं।
माँ के हाथ में ख़ुशबू होती है,
मेरे पर्स में सिर्फ़ टिकट होते हैं।
यह पृष्ठ उन लोगों के लिए है जो सिर्फ़ हँसाना चाहते हैं, किसी को डराना नहीं। इन पंक्तियों को सही समय पर भेजिए, यहीं सबसे बड़ा असर है।
मज़ेदार शायरी कैसी होती है?
हँसी तब आती है जब बात सीधी और असली हो, बड़े-बड़े शब्दों के पीछे भागने के बजाय।
- रोज़मर्रा की किसी आदत पर व्यंग्य होता है, और यही सबसे ज़्यादा हँसाता है।
- कभी-कभी हल्का-फुल्का ताना होता है, जो रिश्ता मज़बूत करता है।
- कोई पंक्ति हँसाए और शिकायत भी करे, तो वह सबसे अच्छी मानी जाती है।
कब और किसे भेजें
हँसी के लिए सबसे अच्छा समय वो होता है जब सब हँसने के मूड में हों।
- ग्रुप में कोई भारी बात चल रही हो तो एक मज़ेदार पंक्ति डाल दीजिए।
- किसी के मूड को हल्का करने के लिए सीधे उसे भेजिए।
- फ़ोटो के साथ ऐसी पंक्ति तब काम करती है, जब उससे जुड़ी बात हल्की हो।
दोस्तों के लिए ख़ास पंक्तियाँ यारी वाली शरारतीली पंक्तियाँ के पेज पर हैं, और छोटे संदेश चाहिए तो दो लाइन में सटोसी बात देखिए।
मज़ाक और बेअदबी में फ़र्क़
मज़ाक नीचे देखकर नहीं, बराबर देखकर किया जाता है। इसीलिए हँसाने वाली पंक्ति में घाव ज़्यादा नहीं होना चाहिए, वरना वह हँसाने के बजाय नुस्सा देती है।
असली मज़ाक उस बंदे में होता है जो ख़ुद पर सबसे ज़्यादा हँसता है।
हँसाने के बाद क्या पढ़ें
हल्के-फुल्के स्टेटस चाहिए हों तो छोटे मज़ेदार स्टेटस वाला पेज खोलिए। फ़ोटो के नीचे लगाने के लिए इंस्टाग्राम कैप्शन वाली शायरी भी मिलेगी, और हौसले के साथ पढ़ना हो तो हँसी के साथ हौसला भरने वाला हिस्सा देखिए।