Motivational Shayari – हौसला और हिम्मत की शायरी
Himmat aur mehnat — himmat dene wale lines.
हौसले की शायरी वह पंक्ति है जो इंसान को उठाने का काम करती है। यह किसी को बोलती नहीं कि ज़िंदगी आसान हो जाएगी, बस इतना कहती है कि आज का एक कदम उठाना काफ़ी है।
इस पृष्ठ पर वे पंक्तियाँ हैं जो काम न करने के बावजूद ज़िंदगी नहीं छोड़नी चाहतीं। यहाँ न कोई धमकी है, न कोई अस्वस्थ दिखावा। बस उन बातों की बात है जो गिरे हुए इंसान को वापस खड़ा कर देती हैं।
अगर आप एक काम बार-बार टाल रहे हैं, या किसी मुक़ाबले से हार मान लेने वाले हैं, तो इस संग्रह को रोज़ दस मिनट पढ़िए। बस इतना काफ़ी है कि रुकने का नाम भी न आए।
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हिम्मत मेरी अपनी है
और इरादा भी मेरा, किसी और का नहीं।
लोग बोलते हैं, रास्ता मुश्किल से मिलता है,
मैं कहता हूँ, मुश्किल रास्ता बदल देती है।
उठने में वक़्त लगता है
वरना कल का काम आज ही कर लो।
आज ख़ुद को एक घड़ी देता हूँ,
मगर सोचता हूँ कि वक़्त भी न मिलेगा।
समय से पहले पहुँचता हूँ
फिर भी हर मोड़ पर मैं पहले पहुँचता हूँ।
यह पृष्ठ उन लोगों के लिए है जो थक चुके हैं और फिर भी रुकना नहीं चाहते। यहाँ की पंक्तियाँ सीधे काम करती हैं, बिना लंबे भाषण के।
हौसले वाली शायरी में क्या-क्या है?
हौसला कई तरह से आता है, और हर तरह की पंक्ति अलग मौजूद है।
- ज़िंदगी के बड़े नज़रिए से लिखी गई पंक्तियाँ ज़िंदगी की सोच वाली शायरी में हैं।
- एक वाक्य में ताक़त देने वाली बातें हौसले भरने वाले कोट्स के रूप में मिलती हैं।
- और कि मेरी कीमत क्या है, यह सवाल आत्मविश्वास वाली एटीट्यूड लाइन से पूरा होता है।
हौसला कैसे जगाएँ
हौसला बातों से नहीं, काम से आता है, और शायरी सिर्फ़ शुरुआत करती है।
- सबसे पहले उस एक काम को तय कीजिए जिसे आप डाल रहे हैं।
- उसे इतना छोटा कर दीजिए कि आज ही पूरा हो जाए।
- पूरा होने पर उसे लिखकर रखिए — यही आपका असली दस्तावेज़ है।
टूटने के बाद क्या पढ़ें
हर बार उठने के बाद एक दिन ऐसा ज़रूर आता है जिसमें लगता है कि फिर सब गँवा दिया। उस दिन इन पंक्तियों के अलावा अकेले चलने वाले पेज पर लिखी बातें भी पढ़ी जा सकती हैं।
गिरना हार नहीं होता, हार तब होती है जब उठने की कोशिश छोड़ दी जाए।
छोटे संदेश चाहिए हों तो रोज़ भेजने लायक छोटे संदेश का पेज खोलिए, और ख़ास मौक़े के लिए जन्मदिन की शायरी को देखिए।
अपनी पंक्ति कैसे बनाएँ
अपने लिए लिखी गई हौसले भरी पंक्ति सबसे ज़्यादा असर करती है, क्योंकि वह सिर्फ़ आपकी अपनी हक़ीक़त होती है। शुरुआत छोटी लाइन से कीजिए और रोज़ एक नई लाइन जोड़ते जाइए।