ज़िंदगी में रुकना भूलना
ज़िंदगी में रुकना भूल जाना,
और चलते रहना, ये कला सीखी है।
और चलते रहना, ये कला सीखी है।
रुकने की आदत से बाहर निकलकर चलते रहने की सीख पर दो पंक्तियाँ।
रुकने की आदत से बाहर निकलकर चलते रहने की सीख पर दो पंक्तियाँ।