साँप जैसी ज़ुलम में भी
साँप जैसी ज़ुलम में भी,
छाता ख़ुद ख़ोल लेता है, ग़ैरत से।
बुरे हालात में भी अपनी ग़ैरत का इरादा, दो पंक्तियों में।
साँप जैसी ज़ुलम में भी,
छाता ख़ुद ख़ोल लेता है, ग़ैरत से।
बुरे हालात में भी अपनी ग़ैरत का इरादा, दो पंक्तियों में।