Hindi Bf shayari Hindi Mai | 200+ हिंदी बीएफ शायरी हिन्दी में

Hindi Bf shayari Hindi Mai | हिंदी बीएफ शायरी हिन्दी में | Hindi Bf Shayari 2 Line Love | हिंदी बीएफ जन्मदिन की शुभकामनाएं | Hindi bf Shayari 2 Line Love Shayari |

Hindi Bf shayari Hindi Mai

है कोई हकीकत या कोई हसरत है
आखिर किसके खातिर रातों की ये इबादत है
हकीम की हैरानगी पर लोग दुआ क्यू करने लगे
पीर कहते है ये आसार ऐ मोहब्बत है।।

 

जिंदगी में कुछ वक्त यादगार होते हैं।
शादी में कुछ लोग खास होते हैं।।
यू तो दूर होते हैं नजरों से।
पर उनके ऐहसास दिल के पास होते हैं।।

 

ओ जवान धड़कनों तुम, मेरा सलाम लेना
सीखा नहीं है मैंने, हाथों में जाम लेना।।
फ़िसलन बहुत है यारो, राहों में मुहब्बत की
कहीं मैं फिसल न जाऊँ, तुम हाथ थाम लेना।।

 

लो आज महफिल सजी हैं हमारे लिए
सुनने को मुझे तैयार हर कोई है।।
पर दिल ने इजाजत नहीं दी है अभी
मेरी गजलो का हकदार और कोई है।।

 

खिड़की से झांकता हूँ मै सबसे नज़र बचा कर,
बेचैन हो रहा हूँ क्यों घर की छत पे आ कर,
क्या ढूँढता हूँ जाने क्या चीज खो गई है,
इन्सान हूँ शायद मोहब्बत हमको भी हो गई है।।

 

Hindi Bf shayari Hindi Mai

बिन तेरे जिने मे क्या राखा है ,
अब खोने को कुछ बाकि नही राखा है।।
जिंदा हु सिर्फ तुझे पाने के लिऐ ,
वरना जहर पीने मे क्या राखा है ।।

 

ग़मों के बीच भी जो लोग मुस्कराते हैं
वही इंसानियत का हौसला बढाते हैं।।
लोग कांटों को तो छूने से भी कतराते हैं
फूल होते हैं तो पहलू में रखे जाते हैं।।

 

अदावत भी तुम हो ,इनायत भी तुम हो
तड़पती हुई दिल की चाहत भी तुम हो।।

सनम ख्वाब तेरे सजाते हैं हम
ठहरी हुई दिल की हसरत भी तुम हो।।

कहीं आज सज़दा जो करने लगे हम
दुआ हो मेरी तुम, इबादत भी तुम हो।।

 

फूल…
महकती हुई जिन्दगी बांटते हैं।।
ज़माने में सबको ख़ुशी बांटते हैं।।
भले उनकी किस्मत में कांटे लिखे हों
मगर फूल हमको हंसी बांटते हैं।।

 

फूलों सा खूबसूरत चेहरा हैं आपका,
हर दिल दिवाना है आपका,
लोग कहते है चाँद का टुकडा है आप,
लेकिन हम कहते है चाँद टुकडा है आपक।।

 

Hindi Bf shayari Hindi Mai

वो जिनके दम से जहां में, तेरी खुदाई है
उन्हीं लोगों के लबों से, ये सदा आई है।।
समन्दर तो बना दिए, मगर बता मौला
तूने सहरा में नदी, क्यूं नहीं बनाई है।।

 

जैसे तुमने हाथ में वक्त को रोका हो,
सच तो ये है तुम बस आंखों का धोखा हो।।
इसी लिए तो तुम सबसे ज्यादा भाती हो,
कितने सच्चे दिल से झूटी कसम खाती हो।।

 

हर राज दिल में छुपा है मैं कह नहीं सकता
तेरी इस खामोशी को मैं यूं सह नहीं सकता।।
सहारा लेना ही पड़ता है मुझको दरिया का
मैं एक कतरा हूँ, जो तनहा बह नहीं सकता।।

 

उसकी तस्वीरें हैं दिलकश तो होंगी,
जैसी दीवारें हैं वैसा साया है,
एक मैं हूं जो तेरे कत्ल की कोशिश में था,
एक तू है जो जेल में खाना लाया है ….

 

यूँ तसल्ली दे रहे हैं हम दिल-ए-बीमार को
जिस तरह थामे कोई गिरती हुई दीवार को
कुछ खटकता तो है पहलू में मेरे रह रह कर
अब ख़ुदा जाने तेरी याद है या दिल मेरा।।

 

Hindi Bf shayari Hindi Main

भाव सेवा का दिखाने में लगे हैं प्यारे
बिना पानी के नहाने में लगे हैं प्यारे।।
जिनसे उम्मीद थी खुशियों की सुबह लाएंगे
अपनी सरकार बचाने में लगे हैं प्यारे।।

 

तपती हुई ज़मीं है जलधार बाँटता हूँ
पतझर के रास्तों पर मैं बहार बाँटता हूँ।।
ये आग का दरिया है जीना भी बहुत मुश्क़िल
नफ़रत के दौर में भी मैं प्यार बाँटता हूँ।।

 

सोने चांदी को खजानों में रखा जाता है
बूढे लोगों को दालानों में रखा जाता है।।
रंग होते हैं बस, खुशबू नहीं होती जिनमें
उन्हीं फूलों को गुलदानों में रखा जाता है।।

 

रेत को हवा का सहारा चाहिए।
कश्ती को दरिया का किनारा चाहिए।।
मुझे ना मंजिल चाहिए ना मकांं चाहिए ।
ऐ दोस्त मुझे तो बस साथ तुम्हारा चाहिए।।

 

किस हद तक जाना है ये कौन जानता है,
किस मंजिल को पाना है ये कौन जानता है।।
दोस्ती के दो पल जी भर के जी लो,
किस रोज़ बिछड जाना है ये कौन जानता है।।

 

Hindi Bf shayari Hindi Main

कभी आकर देख ले मेरी आँखों में भी
तेरी तस्वीर के आगे कोई नजारा ही नहीं।।
खो गए हैं तेरे इश्क़ में हम इस कदर की
तेरे नाम के बिना कहीं गुजारा ही नहीं।।

 

फलसफ़ा कोई नहीं है, और न मकसद कोई
लोग कुछ आते जहाँ में, हिनहिनाने के लिए
ज़िंदगी में ग़म बहुत हैं, हर कदम पर हादसे रोज
कुछ समय तो निकालो, मुस्कुराने के लिए

 

लोग कहते है की इतनी दोस्ती मत करो
की दोस्त दिल पर सवार हो जाए।।
हम कहते हैं दोस्ती इतनी करो की
दुश्मन को भी तुमसे प्यार हो जाए।।

 

मिलेगा तेरा प्यार तो सवार जायेंगे
नहीं तो इस दुनिया में बिखर जायेंगे हम।।
तुम रहते हो जिस्म में जान बन कर
छोड़ के ऐसे जाओगे तो मर जायेंगे हम।।

 

पीने पिलाने की क्या बात करते हो,
कभी हम भी पिया करते थे।।
जितनी तुम जाम में लिए बैठे हो,
उतनी हम पैमाने में छोड़ दिया करते थे।।

 

लोग हर मोड़ पे रुक-रुक के संभलते क्यों हैं
इतना डरते हैं तो फिर घर से निकलते क्यों हैं।।

मैं न जुगनू हूँ दिया हूँ न कोई तारा हूँ
रोशनी वाले मेरे नाम से जलते क्यों हैं।।

नींद से मेरा त’अल्लुक़ ही नहीं बरसों से
ख्वाब आ आ के मेरी छत पे टहलते क्यों हैं।।

मोड़ होता है जवानी का संभलने के लिए
और सब लोग यहीं आके फिसलते क्यों हैं।।