Barish Shayari – बरसात की शायरी

Baan aur mausam — barish par likhi shayari.

बरसात को लोग अक्सर मौसम की ख़बर की तरह बात करते हैं, पर शायरी में यह पूरा मूड बन जाता है। बूँदों की ख़ुशबू, छत पर पड़ी बारिश की आवाज़ और गीली सड़क की चमक — यही इस संग्रह की जान है।

इस पृष्ठ पर वे पंक्तियाँ हैं जो बरसात को बस मौसम नहीं मानतीं। यहाँ बरसात किसी से मिलना भी है, किसी से बिछड़ना भी, और कहीं नहीं जाना भी।

अगर आपको बरसात वाला मूड चाहिए, तो यह संग्रह रोज़मर्रा के बजाय ख़ास मौसमों में बहुत अच्छा लगता है। बरसात का एक अलग ही नियम है, यह चाहे मौसम अच्छा हो या बुरा, दिल कुछ न कुछ ज़रूर महसूस करता है।

इस संग्रह में 0 शायरी

Barish Long

कुर्सी पर बैठकर तुझसे बात करना

कॉफ़ी की दुकान की कुर्सी ख़ाली मिल जाए,
तो कुछ नहीं, बस तेरी याद आ जाए।
बारिश हो तो छत पर कॉल कर लेता हूँ,
बिना छत के क्या बात करूँगा, भाग जाएगी तू।

हम लोग ज़िंदगी भर बारिश का इंतज़ार करते हैं,
और जब आती है तो भीगना किसी के साथ होता है।
मैं भीगता हूँ, पर तेरी छत नहीं मिलती, ये सच है।
Barish 4 Line

भीगी पत्तियाँ भी तुझे ढूँढ़ती हैं

भीगी पत्तियाँ भी तुझे ढूँढ़ती हैं,
रास्ते भर की ठंडी हवाएँ भी।
बारिश सिर्फ़ पानी नहीं लाती,
उसके साथ तेरा नाम भी धो देती है।
Barish 4 Line

बारिश की तरह बहता ये दर्द

यह दर्द बारिश की तरह बहता है,
जहाँ भी ज़मीन मिले, रुक जाता है।
फिर ज़ोर से आता है, मगर धीमे,
जैसे कोई जाने कि कब रुक जाएगा।
Barish Short

बारिश का दिन है आज भी

बारिश का दिन है आज भी, छाता उठा ले,
गीले रास्ते कभी अजनबी से जान पहचान बन जाते हैं।

चाय की भाप कोने में चढ़ रही है,
और भीगी सड़क पर नए क़दम गिने जा रहे हैं।
Barish 4 Line

त्योहार पर लोग भूल जाते हैं

त्योहार पर लोग भूल जाते हैं,
कि दिन किसी के नहीं, किसी महीने के हैं।
भूल जाते हैं, कि ये दिन बनाया किसने,
सितंबर की उमस, सितंबर की धूप, ये सब याद है।
Barish Status

बारिश में भीगी हुई याद

बारिश की बूँदें सिर्फ़ खिड़की पर लगती हैं,
मेरी याद सीधे हाथ में आ जाती है।
Barish Status

भीगी हुई रात और छत

बारिश में भीग कर सो गए थे हम,
और सुबह फिर वही बरसात शुरू हो गई।

इस पृष्ठ की पंक्तियाँ बारिश के दिनों के लिए बनाई गई हैं। पढ़ते वक्त अपनी खिड़की से दिख रहा मौसम याद कीजिए, शायरी और मौसम एक साथ बहने लगते हैं।

बरसात की शायरी किन मूड में काम आती है?

एक ही मौसम अलग-अलग लोगों में अलग बातें जगाता है, और इसीलिए यह संग्रह भी उन्हीं के हिसाब से बना है।

बरसात पर पंक्ति कैसे लिखें

मौसम की शायरी में गहराई तभी आती है जब मौसम कोई बहाना न लगे।

  1. पहले मौसम बताइए, जैसे बूँदें, काली बादल या भीगी हवा।
  2. उसके साथ अपनी उस हालत को जोड़िए जो बारिश से जुड़ी है।
  3. अंत में बारिश को छोड़ दीजिए, किसी इंसान पर ले जाइए।

फ़ोटो के साथ बारिश की तस्वीर लगानी हो तो बरसात की फ़ोटो कैप्शन वाला पृष्ठ देखिए, और भावनाओं वाला गहरा हिस्सा इसी संग्रह में आगे मिलेगा।

बरसात की शायरी और गीत

बरसात का बहुत सारा मौसम पुरानी फ़िल्मों से जुड़ा है, और इसीलिए यह मूड हमेशा उदास और ख़ूबसूरत दोनों रहता है।

बारिश की आवाज़ में कुछ ऐसा होता है जो शब्दों में कभी नहीं आता।

बरसात के मौसम में आगे क्या पढ़ें

अगर बरसात ने आपको किसी पुरानी याद की तरफ़ ले जाया, तो बरसात का दिल छू लेने वाला हिस्सा पढ़िए। और हल्के मूड में हो तो बरसात से जुड़ी मज़ेदार शायरी भी हास्य करती है।

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