वो शीशा जिसमें तेरी शक्ल है
तुम्हारी शक्ल देखता हूँ, गिनता हूँ।
जो तुम्हें देखकर सुधरा, वो आईना भी,
मेरी तरफ़ देखकर आज भी सिकुड़ जाता है।
Seedhi baatein jo bina kuch kahe dil chhoo leti hain.
कुछ पंक्तियाँ सिर्फ़ पढ़ी नहीं जातीं, महसूस की जाती हैं। उन्हीं को दिल को छू लेने वाली शायरी कहते हैं, और यह नाम सही है क्योंकि इनका असर सीधे दिल पर पड़ता है।
इस पृष्ठ पर माँ की थपकी, बचपन की वह गली जहाँ पहला प्यार मिला, और उन लोगों की यादें हैं जो आज नहीं हैं। यहाँ की शायरी चूमने या रोने का काम नहीं करती, बस एक बहुत पुरानी सच्चाई को दिल तक पहुँचा देती है।
अगर आपको ऐसी पंक्ति चाहिए जिसे सुनते ही आँखें भर आएँ, तो यह सही जगह है। यहाँ पढ़ने के लिए कम से कम चंद मिनट बनाइए और शोर से दूर कीजिए।
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इस पृष्ठ की पंक्तियाँ वहीं लिखी गई हैं जहाँ दिल पर ज़्यादा असर पड़ता है। इन्हें जल्दी-जल्दी न पढ़िए, और इन्हें भेजने से पहले भी सोचिए कि सामने वाला उन्हें सह पाएगा या नहीं।
यह संग्रह भावनाओं के उस गहरे हिस्से में जाता है जहाँ सबसे ज़्यादा सच बोला जाता है।
इन पंक्तियों का सबसे अच्छा समय वो है जब कोई ख़ास याद आए।
इन पंक्तियों में शब्द कम और सलोन ज़्यादा होते हैं। यही कारण है कि ये किसी भी उम्र में, किसी भी हालत में उतर जाती हैं।
असली बात वही कह दी जाती है जिसे सुनकर चुप्पी हो जाए।
अगर ऐसी पंक्ति दो लाइन में चाहिए, तो दो लाइन वाले प्यार की शायरी देखिए। और अगर ये बात किसी को नहीं, बल्कि खुद को कहनी है, तो अकेले रहने वाले विचार वाला पृष्ठ खोलिए।