मैगी देर से बनाना आदत बन गया
देर से बनती मैगी और देर से आती इंसान, और हर साल दोहराई जाने वाली एक चौहान्दी।
Bhavnata aur ehsaas se bhara mood — jab dil bhar na aaye.
भावना से भरी शायरी जहाँ एहसास गहरा हो।
66 entries in this collection
देर से बनती मैगी और देर से आती इंसान, और हर साल दोहराई जाने वाली एक चौहान्दी।
फ़ोन पर मिलने वाली ख़ुशी और फिर अकेले में आने वाले सवाल, दोनों अपनी जगह हैं।