Anniversary Shayari

Saalginah aur khaas dinon ke liye shayari.

सालगिरह और ख़ास दिनों पर भेजी जाने वाली शायरी। जो बात कहने में शर्म आती है, वह इन पंक्तियों में कही गई है।

3 entries in this collection

Emotional Long

मैगी देर से बनाना आदत बन गया

मैगी देर से बनती है, तू देर से आती है,
मैं रोज़ बर्तन जोड़ता हूँ, ख़ुद को समझाता हूँ।
तूने कहा था, ख़ुदा देखेगा इंतज़ार का,
मैंने गिने साल, हर साल वही सी चौहान्दी।

आज भी मेज़ पर दो कटोरी हैं, एक ही रस्सी से बंधी,
एक कटोरी सूखी रहती है, फिर भी मैं धोता हूँ।
लोग कहते हैं, ज़िंदगी में हर चीज़ मिलती है,
मैं कहता हूँ, कुछ चीज़ें बस टाइम पर नहीं मिलतीं।
Alone 4 Line

तुझसे बात करता तो हँसता हूँ

तुझसे बात करता हूँ तो हँसता हूँ,
फिर अकेले आते तो सोचता हूँ।
तू नहीं जानती, सालों बाद भी तेरी मुस्कान
मेरे लिए कितना काम करती है।