तुम्हारा होना ही काफ़ी है
सुख, दुख, वक़्त — जो भी मिले,
तुम्हारा होना अपने आप में बड़ा ईनाम है।
तुम्हारा होना अपने आप में बड़ा ईनाम है।
किसी के साथ होने को ही सबसे बड़ी उपलब्धि मानने वाली क्वोट।
किसी के साथ होने को ही सबसे बड़ी उपलब्धि मानने वाली क्वोट।