Zindagi

बाज़ार में सब का भाव

लेखक: Shayari Mirchi Editorial 👁 14
बाज़ार में हर चीज़ का भाव रहता है,
ज़िंदगी में भाव से कुछ नहीं, काम होता है।

बाज़ार और ज़िंदगी की अंतर-सी बात पर एक कॉपी करने लायक क्वोट।

Shayari Mirchi Editorial

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Shayari Mirchi की एडिटोरियल टीम। यहाँ लिखी गई शायरी, क्वोट और कैप्शन इसी साइट के लिए लिखे गए हैं।

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