बाज़ार में सब का भाव
बाज़ार में हर चीज़ का भाव रहता है,
ज़िंदगी में भाव से कुछ नहीं, काम होता है।
ज़िंदगी में भाव से कुछ नहीं, काम होता है।
बाज़ार और ज़िंदगी की अंतर-सी बात पर एक कॉपी करने लायक क्वोट।
बाज़ार और ज़िंदगी की अंतर-सी बात पर एक कॉपी करने लायक क्वोट।