Long Shayari

Lambi shayari — thoda kahane jaisa, detail ke saath.

छह या उससे ज़्यादा पंक्तियों वाली लंबी शायरी।

12 entries in this collection

Emotional Long

मैगी देर से बनाना आदत बन गया

मैगी देर से बनती है, तू देर से आती है,
मैं रोज़ बर्तन जोड़ता हूँ, ख़ुद को समझाता हूँ।
तूने कहा था, ख़ुदा देखेगा इंतज़ार का,
मैंने गिने साल, हर साल वही सी चौहान्दी।

आज भी मेज़ पर दो कटोरी हैं, एक ही रस्सी से बंधी,
एक कटोरी सूखी रहती है, फिर भी मैं धोता हूँ।
लोग कहते हैं, ज़िंदगी में हर चीज़ मिलती है,
मैं कहता हूँ, कुछ चीज़ें बस टाइम पर नहीं मिलतीं।