चाँद को देखकर तेरा चेहरा
चाँद को देखकर मुझे तेरा चेहरा याद आता है,
यह बात सुनकर चाँद शायद शरमा जाएगा।
उसने पूरी रात जागकर हमें देखा,
और मैं रोज़ सोचता हूँ, तेरे चेहरे पर भी ऐतसान है।
अब मैं अमावस्या को नहीं देखता,
मैं तो सिर्फ़ तेरी रोशनी के साथ चलता हूँ।
यह बात सुनकर चाँद शायद शरमा जाएगा।
उसने पूरी रात जागकर हमें देखा,
और मैं रोज़ सोचता हूँ, तेरे चेहरे पर भी ऐतसान है।
अब मैं अमावस्या को नहीं देखता,
मैं तो सिर्फ़ तेरी रोशनी के साथ चलता हूँ।
चाँद से बात करने की आदत और उस चाँद के पीछे छिपी एक और चेहरे की खोज।