Attitude

अपनी जगह का रक़म

लेखक: Shayari Mirchi Editorial 👁 40
अपनी जगह का रक़म लेकर जाता हूँ,
किसी की ज़मीन पर बैठकर नहीं रहता।
जो लोग मेरी जगह ले लेते हैं,
उन्हें दर्द तो होता है, पर सोचते ग़लत हैं।

अपनी जगह का हिसाब लेकर जाने की आदत, और उसकी कीमत पर सोचने वालों पर व्यंग्य।

Shayari Mirchi Editorial

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Shayari Mirchi की एडिटोरियल टीम। यहाँ लिखी गई शायरी, क्वोट और कैप्शन इसी साइट के लिए लिखे गए हैं।

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