मुझे उपास नहीं, अपनाना है
मुझे उपास नहीं, अपनाना है,
और साथ नहीं, सफ़री करनी है।
जो गिरे तो मिला कर उठाना है,
जो चले तो साथ चलने की हिम्मत चाहिए।
उपास और साथी की जगह सफ़री की शर्तें, और साथ चलने वालों से कुछ ज़्यादा अपेक्षाएँ।
मुझे उपास नहीं, अपनाना है,
और साथ नहीं, सफ़री करनी है।
जो गिरे तो मिला कर उठाना है,
जो चले तो साथ चलने की हिम्मत चाहिए।
उपास और साथी की जगह सफ़री की शर्तें, और साथ चलने वालों से कुछ ज़्यादा अपेक्षाएँ।