Top 195+ Two Line Alfaaz Shayari | दिल के अल्फ़ाज़ शायरी 2021

Two Line Alfaaz Shayari

Two Line Alfaaz Shayari | 2 लाइन रोमांटिक शायरी इन हिंदी | Urdu alfaz Shayari in Hindi | दो लाइन लव शायरी इन हिंदी | Khamosh alfaaz Shayari In Urdu | दिल के अल्फ़ाज़ शायरी | Alfaaz Shayari In Hindi 2021 | अल्फ़ाज़ शायरी हिन्दी में .

Two Line Alfaaz Shayari 2021

दिल चाहे हज़ार बार चीखे…उसे चिल्लाने दीजिये।
पर जो आपका नहीं हो सकता…उसे जाने दीजिए।

 

तुम जहां भी रहो बस चैन से रहना यारा,
‘तेरा साथ नहीं’ ‘तेरा सुकून’ मेरा मकसद है…

 

हर एक राज़ कह दिया बस एक जवाब ने…!!
हमको सिखाया वक़्त ने, तुमको किताब ने…!!!

 

साथ जब भी छोड़ना मुस्कुरा कर छोड़ना…,
ताकि दुनिया ये न समझे…हममें कोई दूरी थी…!

 

आंखों में हया लबों पर जुम्बिश,
इसको ही तो शबाब कहते हैं…!!
खिले जो रुख्सार पे हल्की सी हंसी उसे,
निहायत लाजवाब कहते हैं…!!

 

कुछ रिश्तों में रूह की गाँठ बंधी होती है…!!
वही फेरे होते हैं, मोहब्बत से मोहब्बत के…!!!

 

एक तुम ही हमारे किसी तरह से ना हुए,
वर्ना होने को दुनियाँ में क्या-क्या नहीं होता।

तहज़ीब ना सिखाइए मोहब्बत में हमें…!!
एक मुद्दत से सिर्फ तस्वीरों में देखा है उन्हें…!!!!

 

हम दोनों ही करते हैं यूँ उल्फत का पूरा इंतजाम…!!
दिल को छूना मेरा काम और दिल को धड़काना
उसका काम…!!!!

 

जिद करना तभी अच्छा होता है जब किसी का उससे
भला होता है…उस जिद क्या करना जिससे
किसी का दिल तबाह होता है…

 

लिख कर ख्वाहिशें कागज पर मैं रोज मिटाता हूँ…!!
तेरी जुस्तजू ना करे..दिल को रोज समझाता हूँ…!!!

 

मन बावला हो जाता है उसके इन्तज़ार में…!!
जाने कौनसी बात है, इस निगोडे़ के प्यार में…??

Khamosh alfaaz Shayari in Urdu

इस कदर उदास हूँ तेरे बिन चाह कर के भी दर्द अपना
बयां कर नही सकता… पूरी तरह से तेरा हो गया हूँ
अब तो मैं चाह कर के भी मर नही सकता…

 

बहुत संभाल के रख़ें हैं तुम्हारे ख़याल…!!
एक तस्वीर, वो बेपनाह इश्क और कई साल…!!!

 

तुम इश्क की ख़ुद इक दुनिया हो शायद ये तुम्हें मालूम नहीं.!
महफ़िल में तुम्हारे आने से हर चीज़ पे नूर आ जाता है.!!

मोहब्बत दिल में गर हो तो ज़ुबां पर भी मचलती है…!
ये खुशबू है..बिखर कर के हवाओं में महकती है…!!

 

हाथ रख दिल पे मेरे और कसम खा के बता…!!
क्या मेरी तरह तुझे चाहने वाला कोई है…??

 

मेरी तन्हाइयों तुम ही लगा लो, मुझको सीने से…!!
कि मैं घबरा गया हूँ इस तरह, रो रो के जीने से…!!!

 

ख़ामोशी से सब कह दिया, ये सलीका था मेरा…!!
तुम सुन कर समझ न पाया, वो तरीका था तेरा..!!!

 

अगर ज़िंदगी में मोहब्बत न होती…!!
किसी को किसी की जरूरत न होती…!!!

 

चलते चलते थक गया तो पूछा पाँव के छालों ने…!!
कितनी दूर बसाई है दुनिया तेरे चाहने वालो ने…!!!

 

अभी भी नरम बातों की महक आती है साँसों में…!!
कैसे तुमने गले लगाया था, हमें बातों ही बातों में..!!!

 

इश्क़ में सुकूँ कहाँ? बेकरारी ही बेकरारी…!!
हिस्से में कभी हमारी,कभी तुम्हारी बारी…!!!

Two Line Alfaaz Shayari Hindi

कोई शर्त नहीं है, कोई शिकायत नहीं है तुमसे…!!
बस सीधी सी मुहब्बत है, दीदार की चाहत है तुमसे…!!!

 

हर बात पे महके हुए जज़्बात की खुशबू…!!
आज याद बहुत आयी, उनसे मुलाक़ात की खुशबू…!!

 

कर दिया ना फिर से तन्हा…!!
कसमें तो ऐसे खाते थे, जैसे सिर्फ मेरे हो तुम…!!

 

नज्मों से ना तोलो जज़्बातों को…!
कागज़ पर उतारने में और दिल से गुज़रने में फर्क होता है..!!

 

मैं तुझको जागती आँखों से छूू सकु ना कभी…!!
मेरी अना का भरम रख ले मेरे ख़्वाब में आकर…!!!

 

मेरा चेहरा इसलिए भी ज़र्द रहता है…!!
मुझे अपने अलावा भी किसी का दर्द रहता है…!!!!

 

कशिश भी रही, कश्मकश भी रही…!!
आखिर में लेकिन..बस कसक ही रही…!!!!

 

हमारे ख्वाब में अक्सर, तुम्हारे अक्स आते हैं…!
लब खामोश हैं लेकिन नयन, सब कुछ बताते हैं…!!

 

तुम चाहे मुझसे कितनी भी दूर चले जाना…!!
मैं नहीं भूलूँगा तुम्हें अल्फ़ाज़ों से सजाना…!!!

 

अजीब किस्सा है उनके और हमारे दरमियान…!!
वो मुझे तोड़ने में कसर नहीं छोड़ते ,, हम उन्हें टूटकर
चाहने में…!!

 

कर लेना दिल से बस याद तुम हमको इकबार…!!
खयाल-ए-इंतज़ार से पहले हम तुम्हारे होंगे…!!!!

Urdu alfaz Shayari in Hindi

एक नया फूल खिला अफसाने में…!!
उसने मुड़ कर देख लिया अनजाने में…!!!!

 

अकसर वो फ़ैसले मेरे हक़ में गलत हुए.!!
जिन फ़ैसलों के नीचे तेरे दस्तख़त हुए…!!!

 

जहां रुक जाऊं वहीं मिल जाना तुम…!!
इस भीड़ में मुझे, कोई अपना भी चाहिए…!!!!

 

“लाजमी था…उसका गुरूर करना,
हम इश्क़ की जगह उसकी इबादत जो कर बैठे!”

 

जुदाई इश्क़ का दस्तूर क्यूँ है हम नहीं समझे..
मोहब्बत इस क़दर मजबूर क्यूँ है हम नहीं समझे..

 

उठ जाता है भरोसा तो दोबारा नहीं हो सकता,
जो आंसुओ की वजह बने वो कभी तुम्हारा नहीं
हो सकता।”

 

मौसम में भी रंग भर जाता था,
जब वो छत पर नज़र आता था।।

 

“गुज़र चुका जो वक़्त उसको याद करना क्या,
अब बहुत हुआ ऐ इश्क़ तेरे लिए रोज़ रोज़ मरना क्या?”

 

छुपती फिरेंगी शर्म के मारे उदासियां,
बस इक मेरे महबूब के हंसने की देर है..!

Khamosh alfaaz Shayari in Urdu

इस दिल में किस किस को जगह दें साहब…!!
ग़म रखें, दम रखें, फरियाद रखें या तेरी याद रखें…!!

 

“हमने बस मोहब्बत की थी शिद्दत वाली,
उसने लफ़्ज़ों वादों के हेर-फेर में मार डाला।”

 

“साथ भीगें बारिशों में ये तो अब मुमकिन नहीं,
चल भीगें यादों में…तू कहीं.. मैं कहीं।”

 

“असल में वो रुका हुआ नहीं था…,
मैं ने पकड़ा हुआ था…छोडा…छूट गया।”

 

हल्की कत्थई!! ख़ूब गहरी सी वो मस्त-मलंग आँखें…!!
हाय रब्बा!! कह गयी खामोशी में भी हजार बातें…!!!!

 

“इश्क़ में तुम तो सिर्फ़ रुसवा हुए हो,
मगर हम तो सरेआम तमाशा हो गए।”

 

फिर कोई जुदा नहीं कर पायेगा हमें,
अगले जन्म आऊंगा तेरे मजहब का बन कर

 

सिर्फ लफ्ज़ नहीं ये दिलों की कहानी है…!!
हमारी शायरी ही हमारे प्यार की निशानी है…!!!!

 

दफ़्न कर दो हमें के साँस मिले
नब्ज़ कुछ देर से थमी सी है आज फिर…

 

ये इश्क भी बेसबब..हसरतें पाल लेता है…!!
रेत का सफर है..और दरिया थाम लेता है…!!!!