True Love Miss You Shayari

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True Love Miss You Shayari

ख़ुद से पूछोगे जब भी सवाल मुझसे जुदायी का
मिल जाएगा हर एक जवाब मेरी रूसवायी का.

 

मैं बहुत ख़ुश था कड़ी धूप के सन्नाटे में,
क्यों तेरी याद का बादल मेरे सिर पर आया।

 

बड़ा ही खामूश सा अंदाज़ है तुम्हारा
समझ नही आता फ़िदा हो जाऊ या फना हो जाऊ.

 

मुझे अपने किरदार पे इतना यकीन है
कोई मुझे छोड़ तो सकता है पर भुला नही सकता.

 

मेरे दिल की तसल्ली के लिए बस इतना काफी है
हवा जो तुको छुटी है मै उससे साँस लेता हूँ.

 

तुम्हारी याद में जीने की आरज़ू है अभी,
कुछ अपना हाल संभालूँ अगर इजाज़त हो।

 

मुझे क्या पता तुम से हसीन कोई है या नही
तुम्हारे सिवा किसी और को गौर से देखा नही कभी.

 

ज़रूरी है बहुत ज़िन्दगी में इश्क मगर
ये जान लेवा जरूरत खुदा किसी को ना दे.

 

तेरे रुखसार पर ढले हैं मेरी शाम के किस्से,
खामोशी से माँगी हुई मोहब्बत की दुआ हो तुम।

 

कुछ यूँ उतर गए हो मेरी रग-रग में तुम,
कि खुद से पहले एहसास तुम्हारा होता है।

 

True Love Miss You Shayari

चाहत है या दिल्लगी या यूँ ही मन भरमाया है,
याद करोगे तुम भी कभी किससे दिल लगाया है।

 

महका सा दिन महकती सी रात आए,
तुम कहो तो खुशबू सी कोई बात आए।

 

कभी याद आती है कभी उनके ख्वाब आते हैं,
मुझे सताने के सलीके तो उन्हें बेहिसाब आते हैं।

 

बहुत मसरूफ ज़िन्दगी के सिलसिले है
खुदा गवाह है फिर भी मै तुम को रोज़ याद करता हूँ.

 

हम से न हो सकेगी मोहब्बत की नुमाइश,
बस इतना जानते है तुम्हे चाहते है हम।

 

जुबां से कह नही सकता तुझे एहसास तो होगा
मेरी आँखों को पढ़ लेना मुझे तुम से मोहब्बत है.

 

हम से न हो सकेगी मोहब्बत की नुमाइश,
बस इतना जानते है तुम्हे चाहते है हम।

 

मेरे पास बस इतना सा हिस्सा है उसका
उसे जो खुद से निकाल दूं तो मेरे पास कुछ नही बचता

 

नहीं है अब कोई जुस्तजू इस दिल में ए सनम,
मेरी पहली और आखिरी आरज़ू बस तुम हो।

 

ये जरुरी तो नहीं कि तेरी ख़ास रहूँ मैं,
बस महफूज़ रहे तू, ताउम्र तेरे आसपास रहूँ मैं।

 

True Love Miss You Shayari

अगर आँसू बहा लेने से यादें बह जाती,
तो एक ही दिन में हम तेरी याद मिटा देते।

 

उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो,
न जाने किस गली में जिंदगी की शाम हो जाए।

 

उम्मीद कम है कि कोई उम्मीद बाक़ी हो
मैं ना सही तुझमें, तू ख़ुद में बाक़ी हो.

 

कितना हसीन इत्तेफाक़ था तेरी गली में आने का,
किसी काम से आये थे… किसी काम के ना रहे।

 

तुम मिल गए तो मुझ से नाराज है खुदा,
कहता है कि तू अब कुछ माँगता नहीं है।

 

मेरी मोहब्बत थी यह या फिर दीवानगी की इन्तहा,
कि तेरे ही पास से गुज़र गया तेरे ही ख्याल से।

 

मैं कुछ न कहूँ और ये चाहूँ कि मेरी बात,
खुशबू की तरह उड़ के तेरे दिल में उतर जाए।

 

लत तेरी ही लगी है, नशा सरेआम होगा,
हर लम्हा जिंदगी का सिर्फ तेरे नाम होगा।

 

हजारों चेहरों में एक तुम ही पर मर मिटे हैं वरना,
ना चाहतों की कमी थी और ना चाहने वालों की।

 

न जाने किस तरह का इश्क कर रहे हैं हम,
जिसके हो नहीं सकते उसी के हो रहे हैं हम।

 

True Love Miss You Shayari

मोहब्बत की कहूँ देवी या तुमको बंदगी कह दूँ,
बुरा मानो न गर हमदम तो तुमको ज़िन्दगी कह दूँ।

 

मेरी तकदीर संवर जाये उजालों की तरह,
आप मुझे चाह लें अगर चाहने वालों की तरह।

 

काश एक ख्वाहिश पूरी हो इबादत के बगैर,
वो आके गले लगा ले मेरी इजाजत के बगैर।

 

मै क्यों करो मोहब्बत किसी से मै तो गरीब हूँ
लोग बिकते है और खरीदना मेरे बस की बात नही.

 

अब आ गए हो आप तो आता नहीं कुछ याद,
वरना कुछ हमको आप से कहना ज़रूर था।

 

ये बेवफाओ की दुनिया है ऐ दिल जरा सभल के चलना
यहाँ लोग बर्बाद करने के लिए मोहब्बत का सहारा लेते है.

 

सामने बैठे रहो दिल को करार आएगा,
जितना देखेंगे तुम्हें उतना ही प्यार आएगा।

 

अच्छा लगता हैं तेरा नाम मेरे नाम के साथ,
जैसे कोई खूबसूरत जगह हो हसीन शाम के साथ।

 

आप जब तक रहेंगे आंखों में नजारा बनकर,
रोज आएंगे मेरी दुनिया में उजाला बनकर।

 

चलो उस मोड़ से शुरू करें फिर से जिंदगी,
हर शय हो जहाँ नई सी और हम हो अज़नबी।

 

True Love Miss You Shayari

काश चाहने वाले हमेशा चाहने वाले ही रहते
पर लोग अक्सर बदल जाते है मोहब्बत हो जाने के बाद.

 

ऐ शख्स तेरा साथ मुझे हर शक्ल में मंज़ूर है,
यादें हों कि खुशबू हो, यक़ीं हो कि ग़ुमान हो।

 

मैं वक़्त बन जाऊं तू बन जाना कोई लम्हा,
मैं तुझमें गुजर जाऊं तू मुझमें गुजर जाना।

 

वो अपनी जिंदगी में हो गए मसरूफ इतने,
किस किस को भूल गए अब उन्हें भी याद नहीं।

 

किताब-ए-दिल में भी रखा तो ताज़गी ना गई,
तेरे ख़याल का जलवा गुलाब जैसा है।

 

तुम मुझे कभी दिल से कभी आँखों से पुकारो,
ये होठों के तकल्लुफ तो ज़माने के लिए होते हैं।

 

हम भी मौजूद थे तकदीर के दरवाजे पे,
लोग दौलत पर गिरे और हमने तुझे माँग लिया ।

 

कितनी मासूम सी ख्वाहिश है आज कल के देवानो की
चाहते है मोहब्बत भी करे और खूश भी रहे !!

 

आँखों में आँखें डालकर तुम्हारा दीदार,
ये कशिश बयाँ करना मेरे बस की बात नही।

 

मेरी बाँहों में बहकने की सज़ा भी सुन ले,
अब बहुत देर में आज़ाद करूँगा तुझ को

 

रोज वो ख़्वाब में आते हैं गले मिलने को,
मैं जो सोता हूँ तो जाग उठती है किस्मत मेरी

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