Sad Love Quotes in Hindi | हार्ट टचिंग सेड लव कोट्स इन हिंदी

प्यार सभी को कभी न कभी होता ही है। मोहब्बत अगर सच्ची है तो रिश्ते में सब कुछ ठीक चलता है। प्यार जब तक दोनों तरफ से होता है तो गर्लफ्रेंड और बॉयफ्रेंड दोनों खुश रहते ह। जब दूरियां बढ़ने लगती है तो दोनों के दिल को चोट लगती है, फिर जिंदगी में दर्द शामिल सा होने लगता है।

इसी बात को घ्यान में रखते हुए हमने आपके लिए कुछ बेहतरीन (Sad Love Quotes in Hindi) हार्ट टचिंग सेड लव कोट्स आप सब के बिच शेयर किया है अगर आच्छा लगे तो सोशल शेयर जरुर कीजियेगा।

Sad Love Quotes in Hindi

#01

नींद चुरा कर पूछती है, सोते क्यों नहीं….!!
इतनी ही फिक्र है, तो मेरी होती क्यों नहीं…..!!

#02

रोज थिरकता हूं तेरी “यादों” कि तड़प में,
दुनिया समझती है “कलाकार” अच्छा हूं..!

#03

बिन मिले ही इतना न मिला करो हमसे ,
इज़हार-ए-इश्क़ में, इक़रार सा हो जाता है….!!!

#04

तुम जरा कस के थाम लो हाथ मेरा,
लकीरों को अच्छा लगेगा लकीरों से मिलना..!!

#05

जिंदगी की तलाश हमेशा जारी रहती है …….
किसी के आने से या किसी के जाने से इसे कोई फर्क नहीं पड़ता …..!!

#06

तूं अगर ख्वाब था मेरा तो बता!
क्यूं मेरी नींद से बाहर निकला…?

#07

अब कॉल नहीं करती वो अब कान सुरीले नहीं होते
मेरे मैसेज के निशान अब नीले नहीं होते…

#08

ये सुनकर ही पीला पड़ गया हूँ,
कि तेरे हाथ पीले हो रहे हैं!!

#09

उठाने हैं अभी दरिया से मुझको प्यास के पहरे
अभी तो खुश्क पैरों पे मुझे रिमझिम भी लिखनी है।

#10

नहीं पता कि इश्क क्या होता है, सच
मैं बस उसको रोता देख, रो पड़ता हूँ।

#11

तुम्हारा क्या बिगाड़ा था, जो तुमने तोड़ डाला है,
ये टुकड़े मैं नहीं लूँगा, मुझे फिर दिल बनाकर दो!!

#12

भूली बिसरी सभी यादें जला जाऊंगा..
थोड़ा दर्द थम जाने दो मैं चला जाऊंगा “….!!

#13

मैंने काँटों को भी छूकर …… बताया है उसे,
ऐसे चुभता है बदला हुआ, लहजा तेरा मुझे!!

#14

कुछ यादें बड़ी पाकीजा सी होती है,
रात की खामोशी में पाजेब सी खनकती है।

#15

तन्हाई से घबरा के लफजो को हम इकट्ठा करते है….
लोग शायर समझते है हम खुद का तमाशा करते है..।।

#16

ये अब भी होता है तुम्हे देखने के बाद
दिल रूक-सा जाता है तुम्हे देखने के बाद।

#17

हमारी दुआ थी कि वो नफरत खत्म कर दें..
उनकी दुआ थी की हम ये रिश्ता ही खत्म कर दें..

#18

दूसरों से उम्मीद करना बंद करो.
उम्मीदें केवल निराशा की ओर ले जाती हैं।🌹

#19

जब से तुम गए हो फिर सुबह हुई ही नहीं,
कम्बख़्त रात ही होती रही हर रात के बाद!!

#20

पास जब तक वो रहे दर्द थमा रहता है,
फैलता जाता है फिर आँख के काजल की तरह।

#21

बसाया नही किसी को तेरे सिवा
ले सकते हो तुम मेरी रूह की तलाशीयां!!💓

#22

मैं नहीं जानता था, तुम में इतनी खूबियां हैं,
मैं तो सोचता था बस होंठ गुलाबी होंगे..🙈

#23

रूबरू तो देखा नही तुम्हे, बस महसूस किया है,
इन्ही खूबसूरत ख्यालो से, बेहपना मोहब्बत है हमे।

#24

जब रातें इतनी मदहोश होंगी तो
कोई क्यों न हो महबूब की बाहों में..!!

#25

किस चीज़ का बनवाती हो लिबास तुम अपना..
कपड़ा तो इस आग को छूकर जल जाता होगा..!

#26

राज ज़ाहिर ना होने दो तो एक बात कहूँ.
मैं धीरे- धीरे उसके बिन मर जाऊँगा..

#27

हसीन तो और है लेकिन कोई कहां तुझ सा…,
जो दिल को जलाए बहुत फिर भी दिल रुबा ही लगे..!!!

#28

अगली बार मिलो तो हाथ मत मिलाना
तुम थाम नहीं पाओगे हम छोड़ नहीं पाएंगे

#29

तुम जरा कस के थाम लो “हाथ” मेरा,
‘लकीरों’ को अच्छा लगेगा “लकीरों” से मिलना..!!

#30

कशिश भी रही, कश्मकश भी रही…!! ❣️
आखिर में लेकिन, बस कसक ही रही…!!!!❣️

#31

मैंने किसी को अपनी जिंदगी से नहीं निकाला..
हर कोई ऐतबार के हादसे में मर गया..🖤

#32

कुछ लोगों की मिसाल इस क़लम जैसी होती है ,
दिल के क़रीब भी जगह दे दो फिर भी नुक्सान देते हैं ।।

#33

करवटें, सिसकिया, कशमकश और बेताबी,
कुछ भी कहो मोहब्बत आग लगा देती है !!

#34

होंठो पर शिकायत का काफिला है……!!
और आँखों में…. गले लगाने की तलब……!!

#35

अजब चराग़ हूँ , दिन रात जलता रहता हूँ.
मैं थक गया हूँ, हवा से कहो अब बुझाए मुझे..!💔

#36

कोई मेरा हो जाए, ऐसी मेरी तक़दीर नही,
मैं वो शीशा हूँ, जिसमे कोई तस्वीर नही

#37

तुमने जो मेरे दिल को छूना छोड़ दिया……!!
कमबख्त लफ्ज़ो ने ….खूबसूरत होना छोड़ दिया..

#38

जिम्मेदारियां क्या होती है साहब,
हम मिडिल क्लास वालो से पूछिए.🥀

#39

मर   भी   जाएं   तो   क्या   फर्क़   पड़ता   है
हम  कौनसा  किसी  की  मन्नत  या  ख़्वाहिश  हैं ..🖤

#40

बहाने बना बना कर तुमसे बात करते है,
समझ नहीं आता, कैसे कहे की तुमसे कितना….

#41

तुम्हारा नाम लेने से मुझे सब जान जाते हैं,
मैं वो खोयी हुई इक चीज़ हूँ जिसका पता तुम हो।

#42

छूट जाते है हाथ चलते चलते…….
तुम रूह से बंधे हो घबराना मत….!!

#43

जरूरी नहीं है कि इश्क बाहों के सहारे मिले
किसी को जी भर के महसूस करना भी मोहब्बत है।

#44

मैं सिर्फ उन्हीं बातों की जिम्मेदार हूँ
जो मैंने कही है, उनक नहीं जो आपने समझी है |

#45

रोक कर बैठे हैं ज़िन्दगी को…
तुम आओ तो जीना शुरू करेंगे….!!

#46

मैं जब सो जाऊँ इन आँखों पे अपने होंठ रख देना ,
यक़ीं आ जाएगा पलकों तले भी दिल धड़कता है।

#47

आज टूट गया तो बच-बच के निकलते हैं,
कल आईना था तो रुक-रुक कर देखते थे।

#48

तुम क्या हो मेरे कुछ हो या कुछ भी नहीं मगर….
मेरी ज़िन्दगी की काश में एक काश तुम भी हो…..!!

#49

हवाओं में महकी है, कुछ संदली सी महक…!!
मोगरा बालों मे जैसे बहका हो कहीं…!!!!

#50

मै तुम्हे प्रेम की उस धरा के प्रलय तक चाहूँगा,
जहाँ मिलन के पश्चात वियोग नही होता।

#51

कोई मुझे नशा मुक्ति केंद्र छोड़ आओ यारों..
उसकी यादों का नशा अब काम के आड़े आने लगा है..

#52

न पटाखा, न आइटम, न मिर्ची, न सेटिंग,
वो लड़की ग़ज़ल है, ग़ज़ल ही रहेगी…❤️

#53

जिसे देखो वो आजकल रंजोगम में है
इस महबूब ए इश्क़ ने किसी को नही छोड़ा..!!

#54

तुम मुझे कभी दिल से कभी आँखों से पुकारो,
ये होठों के तकल्लुफ तो ज़माने के लिए होते हैं…!!!

#55

मिट जाती है मेरे माथे की शिकन,
उसका मेरे माथे को चूमना सुकून देता है मुझे..!

#56

जरा सी बात पर ना छोड़ किसी अपने का दामन,
जिन्दगी बित जाती है अपनों को अपना बनाने में !!

#57

हमनें हाथ फैला कर इश्क मांगा था,
सनम ने हाथ चूमकर जान निकाल दी..

#58

मैने तमीज़ दारो के झूठे तमीज़ को देखा है..✍️
हाँ मैने अपने महबूब को रकीब के बेहद करीब देखा है…

#59

पकड़ कर नब्ज़ मेरा हकी़म ने ये बोला,
वो ज़िंदा है तुझमें तू मर चुका है जिस पर.

#60

हर बार उसी से गुफ़्तगू सौ बार उसी की आरज़ू,
वो पास नहीं होता तो भी रहता है मेरे रूबरू…!!!

#61

इश्क़ हारा है तो दिल थाम कर क्यों बैठे हो..
तुम तो हर बात में कहते थे “कोई बात नहीं”..

#62

तुम कभी कभी यूं किया करो..
छोड़ो मेरी शायरी, दिल पढ़ लिया करो…🥀

#63

आप दिल से हाथ तो पकड़िए..
हम साबित कर देंगे हर कोई छोड़ के नही जाता..🖤

#64

मेरे दर पर आईं थीं ख़ुशियाँ थोड़ी…..
लौटा दिया उन्हें, मैंने तेरी दहलीज का पता देकर..!!

#65

लौटते तो वो है, जो रुठ कर चले जाते हैं!!
टूट कर जाने वाले लौटा नहीं करते……!! 🌿

#66

मेरे शब्दों को मत देखना….मेरे भावो को समझना
सब कमजोरी पकड़ते है….तुम हाथ पकड़ना …..

#67

तुम मेरे हो जाओगे किसी रोज़ तो ठीक है,
वर्ना मैं एक तरफा प्रेम को ही ख़ूबसूरत लिख दूंगा….!

#68

इतना भागा हूं उस एक शक्स को पाने के पीछे
कि अब पांव से ज्यादा दिल थक गया है मेरा

#69

वो जो धड़कता था तुम्हारे लिए,
दिल उस दिल का दुखाया है तुमने।

#70

मुझसे दूर जाने के तेरे फैसले कमाल के थे पर
उससे भी कमाल था मेरा उन फैसलों पर तेरा साथ देना…!!

#71

तुम्हारे हर मैसेज पर रहती है मेरी नज़र ,
ना जाने कब कह दो कि अच्छे लगते हो तुम !!

#72

नया दौर है, अब बच्चो को नई बात सिखाएंगे हम
“इ” से इमली नही…”इ” से इश्क़ पढ़ाएंगे हम…!!

#73

कहीं मुझे सच में इश्क़ ना हो जाए,,
एक अरसे से बस मोहब्बत लिख रहा हूँ..

#74

लोग कहते हैं मुझसे की वो तेरी लकीरों में नही है
मैंने लकीर बना डाली है सिर्फ तुझे पाने के लिए

#75

उनकी सुनी कलाई का धागा हो जाऊं,
कोई चंदन मिले तो में भी गुंजा हो जाऊं….!

#76

चख लेंगे हमजहर’ भी तुम्हारे इश्क़ में सब कुबूल है,
जिस ज़िन्दगी में तू नहीं, वो ज़िन्दगी फिजूल है…

#77

जिनके शब्द कभी ‎शहद के ‎प्याले लगते थे..
आज उनकी चुप्पी भी खंजर से कम नहीं है.

#78

तेरी ख़ैरियत का ही ज़िक्र है मेरी दुआओ में
मसला सिर्फ़ मोहब्बत का ही नहीं, फ़िक्र का भी है…

#79

मेरी शामें महकती है तेरी यादो से,
मेरी चाय में शामिल है मोहब्बत तेरी..

#80

ना जाने इश्क की रिवायतें किसने लिखीं हैं,
बेचैनी है जो शख्स ,सुकून ए दिल भी वही है..!!

#81

है एक शख्स जो बहुत सताता है,
सुकून भी न जाने क्यो उसी के पास आता है….!!!

#82

बाक़ी सब फीका और सादा हो जाए,
बस तुम्हारा प्रेम हर रोज मेरे लिए ज़्यादा हो जाए…!!!

#83

हमको कुछ और भी चेहरे मयस्सर थे,
हमने जल्दी में तुझे चाह कर गलती कर दी.. 💔

#84

सिर्फ लफ्ज़ नहीं ये दिलों की कहानी है,
मेरी शायरी ही मेरे प्यार की निशानी है।।

#85

औ फिर ज़िंदगी ने एक  सफ़र ऐसा भी करवाया,
जिसमें पाँव नहीं दिल थक गया मेरा….

#86

तेरे ख्यालों को यूँ ही लफ्ज देने लगे है,
और लोग कहते है हम शायरी करने लगे है।।

#87

इन शायरियों में खो गया है कहीं सकुन मेरा,
जो तुम पढ़कर मुस्कुरा दो तो वसूल हो जाए..

#88

ये मत सोचना के आस छोड़ दी है,
बस अब मैंने तेरी तलाश छोड़ दी है ।।

#89

ख़बर नहीं मुझको ये ,कौन सा दर्जा-ए- इश्क़ है,
कि लफ़्ज़ सब मेरे हैं और ज़िक्र बस तुम्हारा है ।।

#90

लाज़िम नहीं हर बार तुझे हम हों मयस्सर,
मुमकिन है तू इस बार हमें सच में गंवा दे..!!!