Latest 09+ Love Poem In Hindi । बेहतरीन लव प्रेम कविताएं हिन्दी में

Love Poetry in Hindi for Girlfriend

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Best Love Poetry in Hindi for Girlfriend Boyfriend

Best Love Poetry in Hindi for Girlfriend
Best Love Poetry in Hindi for Girlfriend

देखकर अपनी ही परेशानियां मैं क्यू मुसकराता हूँ
हालात हो चाहे भी जैसे कदम मैं आगे बढ़ाता हूँ

देखकर अपनी ही…..

माना कि आज खाने में सारे व्यंजन नही है
जिसकी संगीत पर मुस्कराऊ वो कंगन नही है
ये सारी बाते मैं खुद से क्यू छुपाता हूँ

देखकर अपनी ही…….

वो उनका बड़ी हशरत से मुझे देखना फिर मुह मोड़ लेना
भरी महफ़िल में वो मुझको अकेला छोड़ देना
वो सोचते है कि मैं खुद को रुलाता हूँ

देखकर अपनी ही…..

वो समंदर की लहरों सी आकर मुझसे उनका मिलना
मुझको खुद के आगोश में लेकर प्यासा छोड़ देना
अकेले में मैं खुद को खुद से मिलाता हूँ.

देखकर अपनी ही …..

वो सोचते है मुझको भुला कर मेरी हस्ती मिटा देंगे
हम चीज क्या है सबको एक न एक दिन बता देंगे
मैं हूं एक तारा जो आसमा में टिमटिमाता हूँ

देखकर अपनी ही परेशानियां मैं क्यू मुस्कराता हूँ।।

Best Love Poetry in Hindi for Girlfriend

Best Love Poetry in Hindi for Boyfriend

प्रेम के हाथों फिर से मैं तो छला गया
लोंगो ने समझा ये दुनिया से चला गया

प्रेम के हाथों फिर से…..।

सब के दिल की मानी हमने सबसे प्यार निभाया
जिस से जैसे बन पड़ी खूब हमे सताया
दिल ने मेरी न मानी मैंने खूब मना किया

लोंगो ने समझा ये…….।

करता था सबसे मैं तो अपने दिल की बातें
एक एक के खातिर जागा हूँ मैं तो कई रातें
प्यार का मतलब कोयी नही सबने बता दिया

लोगों ने समझा….. ।

ऐ राज मोहब्बत में कभी तुम भी ठुकराए जावोगे
बोलो फिर कैसे यारा बिन दिलवर के तुम जी पावोगे
फिर सोचोगे तुम भी कैसे मुझकों भुला दिया

प्रेम के हाथों फिर से……..।।

 

Best Love Poetry in Hindi for Boyfriend

Best Love Poetry in Hindi for Boyfriend
Best Love Poetry in Hindi for Boyfriend

मतलब की ये दुनिया है सब मतलब के भूखे है
जिनको अपना हक न मिला सारे देखो रूठे है.

मतलब की दुनिया……।

सारे रिश्ते नाते दुनियां में बिन मतलब के अधूरे है
मतलब जहाँ पर बाकी सब नाते रिश्ते पूरे है
बिन मतलब के ही दुनिया मे सारे रिस्ते टूटे है.

मतलब की ये दुनिया……।

कुछ मतलब जुड़ा जो तुमसे रिश्ते निकले कोसों के
बिन मतलब टूटे रिश्ते जो थे बहुत भरोसे के
जो मिलते कभी गले मिलकर उनके तेवर अब रूखे है.

मतलब की ये दुनिया…….।

कास हर कोई एक दूजे से बिन मतलब मिलना शुरू करे
ऐ राज सारे रिश्ते नाते हो जाये फिर से हरे भरे
हमसे भी तो कोयी मिलकर देखे हम तो मोहब्बत के भूखे है

मतलब की ये दुनिया है सब मतलब के भूखे है।।

 

Best Love Poetry in Hindi for GF

Best Love Poetry in Hindi for Boyfriend
Best Love Poetry in Hindi for Boyfriend

बडी मुश्किल से निकला हूँ तेरे दर से बेआबरू होकर
सोचता हूँ क्या करूँगा अब मैं ये जिंदगी जीकर

बड़ी मुश्किल से निकला……।

तू समझती है गुलाम मुझको अपने मदीने की
और मैं दे चुका हूँ हर सांस तुझ्को अपने सीने की
किसी दिन इन्तहा मत होने देना कि मना कर दूं खाने से ठोकर

बड़ी मुश्किल से निकला…….।

पूछ लें माँ बाप से अपने क्या अहसान है मेरे
जो तुम लोग मुस्कराते हो उसमे लगे है जान मेरे
तड़पेगी तो तू भी मैं जानता हूँ मुझको खोकर

बड़ी मुश्किल से…..।

तेरी वो बेवफाई के खिस्से सारे शहर मे मशहूर होंगे
जब तू बरबाद हो जाएगी तो इल्म तुझ्को भी जरूर होंगे
आँशु भी न निकलेगा तेरी आँखों से तू थक जाएगी रो रो कर

बड़ी मुश्किल से निकला…..।।

 

Best Love Poetry in Hindi for Bf

Best Love Poetry in Hindi for Bf
Best Love Poetry in Hindi for Bf

मेरे दिल का कोयी ठिकाना ही नही है
करता हूँ इंतजार उनका जिनको आना ही नही है.

मेरे दिल का…….।

रूठ जाता हूँ सोचकर शायद वो तरस खायेगा
हो न हो एक रोज प्यार वो जतायेगा
खबर है मुझे की उसे मुझे मनाना ही नही है,

मेरे दिल का कोई…….।

कुछ अजीब सा अब दीवानगी का आलम है
जो दर्द देता है वही अब देता मरहम है
ऐ राज क्या तुझे प्यार जताने आता ही नही है,

करता हूँ इंतजार……।

कभी मेरे दिल की सुनो तुम कभी अपनी सुना दो
बस एक बार अपना कह के तुम आवाज तो लगा दो
कहेंगे लोग क्या मुझे किसी को समझाना ही नही है,

करता हूँ इंतजार उनका……….।।

 

Best Love Poem In Hindi For Husband

Best Love Poem In Hindi For Husband
Best Love Poem In Hindi For Husband

पता है जमाने से क्या हमकों मिला है
छला ही गया हूँ इसी जमाने ने छला है,

पता है जमाने…….।

छीनी होंठो से हँसी मेरे चाहा जब मुस्कराना
आँख वाले अंधे है इन्हें क्या जख्म है दिखाना
रोता हूँ हाल पर अपने नही जमाने से गिला है,

पता है…….।

जिससे मोहब्बत की उम्मीद थी मुझको ज्यादा
ऐन वक़्त पर ऐ राज उसने बदला अपना इरादा
दिल तोड़ना ही उसका पुराना सिलसिला है,

पता है ज़माने से…..।

कौन कद्र करता है सच्ची मोहब्बत की जमाने मे
हर कोई लगा है अपनी इज्जत बचाने में
फक्र है मुझकों मुझे कोई कातिल अपना ही मिला है,

पता है जमाने से……..।।